Kathmandu News: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के 22 दिन बीतने के बाद भी हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। मलबे के नीचे से लगातार शव निकाले जा रहे हैं। प्रभावित जिलों में दोबारा जांच के बाद लापता लोगों की सूची में करीब 1,000 नए नाम जुड़ने से यह आंकड़ा छह हजार के पार पहुंच गया है।
आपदा प्राधिकरण के प्रवक्ता शांति महत ने बताया कि जिला कार्यालयों से जुटाए गए नए विवरण के आधार पर लापता लोगों की संख्या 5,179 से बढ़ाकर 6,150 कर दी गई है। इस भीषण त्रासदी में नेपाल में अब तक 1,403 लोगों की मौत दर्ज हुई है, जबकि लापता लोगों में 189 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
तिब्बत सीमा तक फैला नुकसान, कुल मौतें 1,446 हुईं
बाढ़ का व्यापक असर तिब्बत क्षेत्र में भी देखा गया है, जहां 43 लोगों की जान गई है और 519 लोग लापता बताए गए हैं। दोनों क्षेत्रों को मिलाकर कुल मौतों का आंकड़ा 1,446 और लापता लोगों की संख्या 6,669 तक पहुंच चुकी है। राहत और बचाव दल लगातार दुर्गम इलाकों में तलाश अभियान चला रहे हैं।
बाढ़ के दौरान नेपाल में लगभग 12 जलविद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा था, जिनकी सुरंगों में हजारों श्रमिक फंस गए थे। चिलिमे में भारतीय सेना के जवानों और नेपाली बचाव दल ने भूमिगत पावरहाउस तक पहुंचकर पांच शव निकाले। भारी मशीनों के रुकने के बाद बचाव कर्मियों ने हाथों से खुदाई कर रास्ता बनाया।
अपर त्रिशूली टनल से निकाले गए पांच और शव
अपर त्रिशूली-1 प्रोजेक्ट में भी संयुक्त खोज अभियान के दौरान टनल से पांच शव बरामद किए गए। रसुवा के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुबा प्रसाद अधिकारी के अनुसार, नेपाली सेना और प्रोजेक्ट टीम को ऑडिट-3 सुरंग से यह सफलता मिली। फंसे हुए शेष श्रमिकों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार तेज गति से जारी है।