हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश से 67 सड़कें बंद और 142 ट्रांसफार्मर ठप, मौसम विभाग ने जारी किया ताजा अपडेट

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश में धीमे पड़े मानसून ने एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई इलाकों में तेज बारिश हुई। इसके चलते 67 सड़कें बंद हो गई हैं और 142 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। हालांकि मौसम विभाग ने अगले सात दिनों में भारी बारिश से राहत की बात कही है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों के दौरान कांगड़ा जिले के धर्मशाला में सबसे अधिक 87.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 68.8, कुफरी में 64.6, शिलारू में 54.6 और जोगिंदरनगर में 48 मिलीमीटर बारिश हुई। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज और बिजली चमकने की घटनाएं भी सामने आईं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के मुताबिक बारिश और भूस्खलन से कुल 67 सड़कें अवरुद्ध हैं। इनमें सबसे ज्यादा मंडी जिले की 36 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा कुल्लू में 11, कांगड़ा में 10, शिमला, सिरमौर और ऊना में तीन-तीन तथा लाहौल-स्पीति में एक सड़क पर आवाजाही ठप पड़ी है।

बिजली तंत्र पर भी मानसून की मार पड़ी है। राज्य भर में कुल 142 बिजली ट्रांसफार्मर पूरी तरह बंद हैं। मंडी जिले के गोहर, जोगिंदरनगर और करसोग में 92 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। वहीं शिमला जिले के रामपुर और कुमारसेन में 34 तथा कुल्लू के निरमंड में 16 ट्रांसफार्मर बंद होने से बत्ती गुल है।

शिमला जिले के रामपुर उपमंडल के 15/20 क्षेत्र में फांचा कंडे के पास बड़ा हादसा हुआ है। यहां भूस्खलन के कारण जंगल का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। इससे देवदार के दर्जनों पेड़ ताश के पत्तों की तरह गिर गए। स्थानीय लोगों ने जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण को इसका कारण बताते हुए भूमि कटाव रोकने की मांग की है।

सिरमौर जिले में शुक्रवार शाम हुई बारिश के बाद नाहन के पास स्थित गिरि जटोंन डैम का जलस्तर बढ़ गया। इसके चलते डैम से पानी छोड़ा गया और मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया गया। राजधानी शिमला में भी बीती रात तेज बारिश दर्ज की गई, जिससे सुबह से बादल छाए हुए हैं।

मौसम विभाग ने 12 से 18 सितंबर तक राहत की उम्मीद जताई है। इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में केवल छिटपुट बारिश ही देखने को मिलेगी। राहत की बात यह है कि अगले सात दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

चालू मानसून सीजन में हिमाचल प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सितंबर के अंत तक मानसून की सामान्य विदाई होती है। हालांकि कम बारिश के बावजूद इस सीजन में भूस्खलन और हादसों से राज्य में भारी तबाही देखने को मिली है।

राज्य में मानसून सीजन के दौरान बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में अब तक 296 लोगों की मौत हो चुकी है। इन हादसों में 520 लोग घायल हुए हैं और चार लोग अभी भी लापता हैं। मौतों में 177 लोग सड़क हादसों का शिकार हुए, जबकि 119 लोगों की जान भूस्खलन और बाढ़ जैसे हादसों में गई।

बारिश और भूस्खलन से राज्य की संपत्ति को भी भारी नुकसान हुआ है। अब तक 129 घर, 17 दुकानें और 470 पशुशालाएं पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं। इसके अलावा 499 घरों को नुकसान पहुंचा है। राज्य को कुल 1,661 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है, जिसमें लोक निर्माण विभाग की संपत्ति का सबसे बड़ा हिस्सा है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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