Bilaspur News: देश का प्रतिष्ठित भाखड़ा नंगल बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अध्यक्ष ने संसदीय स्थायी समिति को इस संबंध में पूरी जानकारी दी है। समिति की बैठक के बाद अध्यक्ष श्रीरंग अप्पा चंदू बारने ने बांध की मौजूदा स्थिति और सुरक्षा की पुष्टि की।
संसदीय समिति के सदस्यों ने बांध की सुरक्षा और नियमित ऑडिट को लेकर सवाल पूछे थे। पहले सामने आई कुछ चिंताओं के मद्देनजर बांध की मजबूती का ब्योरा मांगा गया था। बीबीएमबी के अधिकारियों ने सभी सवालों के विस्तृत जवाब दिए और भरोसा दिलाया कि ढांचे को लेकर कोई खतरा नहीं है।
नेपाल की बाढ़ और आपदा प्रबंधन पर हुई अहम चर्चा
बैठक में पड़ोसी देश नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। समिति सदस्यों ने पूछा कि क्या ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से भारतीय बांधों पर कोई खतरा हो सकता है। संबंधित अधिकारियों ने समिति को आश्वस्त किया कि सभी संभावित जोखिमों से निपटने के लिए आवश्यक तकनीकी इंतजाम मौजूद हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक में बिजली क्षेत्र के वैधानिक निकायों और सार्वजनिक उपक्रमों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बीबीएमबी ने आत्मनिर्भर ऊर्जा की दिशा में उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया। देश को बिजली क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए कई नई योजनाओं पर भी विचार हुआ।
जलविद्युत और सौर ऊर्जा के विस्तार पर विशेष जोर
समिति अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष 2014 के बाद देश में बिजली उत्पादन को प्राथमिकता दी गई है। जलविद्युत क्षेत्र में कई नए प्रोजेक्ट शुरू किए गए हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में काफी सुधार हुआ है। इसके साथ ही देश की सौर ऊर्जा क्षमता में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
भारत अब सौर ऊर्जा उपकरणों के लिए चीन और अन्य देशों पर निर्भरता तेजी से घटा रहा है। घरेलू स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा देने से कई नई कंपनियां इस सेक्टर में आगे आई हैं। सरकार पवन ऊर्जा और अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों का विस्तार करके देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है।