Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानसून की चाल इस पूरे हफ्ते धीमी रहने का अनुमान जताया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 13 सितंबर तक राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं दी गई है। हालांकि प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इसी बीच सोलन जिले में कालका-शिमला हेरिटेज रेलमार्ग पर फिर से भूस्खलन हो गया है। बीती रात हुए इस भूस्खलन के कारण पटरी की मरम्मत और बहाली का काम पूरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य भर में बारिश और भूस्खलन के कारण 85 सड़कें अभी भी ठप पड़ी हुई हैं।
इसके अलावा राज्य में 59 बिजली ट्रांसफार्मर और छह पेयजल योजनाएं भी पूरी तरह प्रभावित चल रही हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई है। सोमवार को शिमला समेत ज्यादातर हिस्सों में धूप और बादलों की आवाजाही का मिला-जुला मौसम बना रहा।
बीते 24 घंटों में सिरमौर जिले के धौलाकुआं में सबसे ज्यादा 58.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सराहन में 13.8, कसौली व खदराला में 10-10 और कुफरी में 7.6 मिलीमीटर बारिश हुई। कांगड़ा, सुंदरनगर और मुरारी देवी में बिजली चमकने के साथ ताबो में तेज हवाएं चलीं।
मौसम विभाग के सात दिनों के पूर्वानुमान में 7 से 13 सितंबर तक भारी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून ट्रफ इस समय बीकानेर, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल होते हुए आगे बढ़ रही है। जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ का चक्रवाती परिसंचरण भी पूरी तरह सक्रिय है।
उधर कालका-शिमला हेरिटेज रेलमार्ग पर कोटी और गुम्मन के बीच पुल नंबर 57 के पास फिर भूस्खलन हुआ है। 30 अगस्त को बारिश से बह गई मिट्टी के बाद से रेल सेवा सुरक्षा कारणों से बंद थी। वहां चल रहा मरम्मत कार्य फिर से बह गया है, जिससे रेल सेवा बहाली में समय लगेगा।
रेलवे ने कालका से शिमला के बीच चलने वाली ट्रेनों को 13 सितंबर तक पूरी तरह रद्द कर दिया है। हालांकि शिमला से धर्मपुर के बीच टॉय ट्रेन सेवा शनिवार से शुरू कर दी गई है। लेकिन पर्यटकों को कालका से शिमला तक का हेरिटेज सफर करने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा।
आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार राज्य में सोमवार सुबह तक मंडी में 36 और कुल्लू में 22 समेत 85 सड़कें बंद हैं। मंडी में 40 बिजली ट्रांसफार्मर और रामपुर में पांच पेयजल योजनाएं ठप पड़ी हैं। मौजूदा मानसून सीजन में विभिन्न हादसों और आपदाओं में अब तक 274 लोगों की जान जा चुकी है।
आपदा में 467 मवेशियों की मौत हुई है और 122 मकान पूरी तरह से जमींदोज हो गए हैं। इसके अलावा 488 घरों और 460 पशुशालाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून में प्रदेश को अब तक कुल 1,242 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।