Washington News: अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी एफबीआई ने साल 2025 के लिए देशव्यापी हेट क्राइम के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सिखों के खिलाफ नफरत से प्रेरित 189 और हिंदुओं के खिलाफ 32 अपराध दर्ज किए। हालांकि रिपोर्ट में भारतीय-अमेरिकियों के आंकड़े अलग से नहीं दिए गए हैं।
एफबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2025 में एक ही तरह के धार्मिक भेदभाव से जुड़े कुल 2,703 मामले सामने आए। इनमें यहूदियों के खिलाफ सबसे ज्यादा 62.3 फीसदी और मुसलमानों के खिलाफ 9.6 फीसदी घटनाएं दर्ज हुईं। वहीं सिखों के खिलाफ 7 फीसदी और हिंदुओं के खिलाफ 1.2 फीसदी मामले पाए गए।
भारतीय मूल के पीड़ितों की अलग से श्रेणी नहीं
धार्मिक आधार पर नफरती अपराधों के 2,798 पीड़ितों में से 193 सिख और 34 हिंदू शामिल थे। एफबीआई ने भारतीय-अमेरिकियों को अलग नस्लीय या जातीय समूह में नहीं रखा है। इसलिए परिस्थितियों के अनुसार पीड़ितों को हिंदू-विरोधी, सिख-विरोधी या एशियाई-विरोधी श्रेणियों में बांटा गया, जिससे भारतीय मूल के कुल प्रभावितों की सटीक संख्या अलग से दर्ज नहीं है।
नस्ल और जातीयता से जुड़े 7,200 मामलों में से 5.8 फीसदी अपराध एशियाई विरोधी भेदभाव के रहे, जिनमें 438 पीड़ित प्रभावित हुए। राष्ट्रीय स्तर पर 2025 में कुल 10,881 हेट क्राइम घटनाएं हुईं, जो 2024 के 11,679 मामलों की तुलना में लगभग 6.8 प्रतिशत कम हैं। इसी तरह कुल अपराधों और पीड़ितों की संख्या में भी गिरावट आई है।
रिपोर्ट के अनुसार कुल हेट क्राइम में से 66.6 फीसदी मामले लोगों के खिलाफ हुए, जिनमें डराना-धमकाना और हमले मुख्य रूप से शामिल थे। वहीं 31.5 फीसदी घटनाएं संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और तोड़-फोड़ से जुड़ी थीं। एफबीआई का यह डेटा अमेरिका की 95.3 प्रतिशत आबादी को कवर करने वाली 16 हजार से अधिक एजेंसियों की सूचना पर आधारित है।