Delhi News: भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने खालिस्तानी आतंकी संगठनों के काम करने के तरीके में बड़े बदलाव का खुलासा किया है। ये आतंकी ग्रुप अपने पुराने पैटर्न को छोड़कर अब भारत के बड़े शहरों में आम और पढ़े-लिखे लोगों को अपने साथ जोड़ रहे हैं। विदेश में बैठे हैंडलर सामान्य नौकरी करने वाले युवाओं को पैसे का लालच देकर भर्ती कर रहे हैं।
सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक यह नया रिक्रूटमेंट मॉडल पूरी तरह से अलग है। आतंकी नेटवर्क ऐसे लोगों को टारगेट कर रहे हैं जिनका कोई पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं है। उत्तर भारत के प्रमुख शहरों में आम कामधंधा करने वाले लोगों से संपर्क किया जा रहा है और उन्हें प्रोपेगैंडा फैलाने व स्थानीय जानकारी जुटाने के लिए पैसों का बड़ा ऑफर दिया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि पश्चिमी देशों में बैठे विदेशी सरगना इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। वे दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में मौजूद अपने हैंडलर्स को फाइनेंशियल मदद भेजते हैं। इसके बाद ये हैंडलर भारत में जमीनी स्तर पर सूचनाएं एकत्र करने और प्रोपेगैंडा एक्टिविटी को अंजाम देने के लिए स्थानीय युवाओं को लालच देकर तैयार करते हैं।
पुराने पैटर्न में खालिस्तानी टेरर ग्रुप केवल गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड वाले अपराधियों और गैंगस्टरों को ही अपने साथ जोड़ते थे। लेकिन अब जांच के दौरान पाया गया है कि बिल्कुल साफ बैकग्राउंड वाले साधारण नागरिकों को पैसे देकर जोड़ा जा रहा है। चुनी हुई जगहों पर देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के बदले इन युवाओं को फंड मुहैया कराया जाता है।
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच में जुट गई हैं। एजेंसियां आतंकियों के बड़े नेटवर्क की पहचान करने के साथ-साथ पैसों के लेनदेन और फंडिंग के रास्तों का पता लगा रही हैं। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या देश के अन्य बड़े शहरों में भी इसी तरह से नेटवर्क फैलाया गया है।