लेबनान और इजरायल के बीच शांति वार्ता से पहले हिजबुल्ला की चेतावनी, रोम में शुरू हो रही बातचीत

Share

- Advertisement -

Rome News: लेबनान और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष को समाप्त करने के लिए इटली की राजधानी रोम में एक महत्वपूर्ण वार्ता शुरू होने जा रही है। इस शांति वार्ता के बीच शिया संगठन हिजबुल्ला ने सख्त रुख अपनाते हुए इजरायली एजेंडे का समर्थन करने वालों के खिलाफ सीधी कार्रवाई की बड़ी चेतावनी दी है।

हिजबुल्ला के प्रमुख नईम कासिम ने एक वीडियो संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि जो लोग दुश्मन के प्रोजेक्ट का हिस्सा बनेंगे, उनका उसी तरह मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने लेबनानी नेतृत्व से अपील की है कि इजरायल के साथ जारी बातचीत में बिना किसी ठोस नतीजे के कोई भी ढील या रियायत बिल्कुल न दी जाए।

राष्ट्रीय संप्रभुता और सेना की तैनाती पर रखा रुख

नईम कासिम ने सरकार से अपील की है कि वह देश की संप्रभुता को सबसे ऊपर रखे और आंतरिक एकता को मजबूत करने के लिए संवाद शुरू करे। उन्होंने कहा कि हिजबुल्ला लितानी नदी के दक्षिणी हिस्से में लेबनानी सेना की तैनाती का समर्थन करने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इसके लिए एक प्रमुख शर्त रखी गई है।

हिजबुल्ला का कहना है कि लेबनानी सेना की तैनाती तभी संभव होगी जब इजरायली सेना लेबनान के सभी इलाकों से पूरी तरह बाहर निकल जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दक्षिणी लेबनान पर हमले और तबाही जारी रहेगी, तब तक पूरे देश में शांति और स्थिरता बहाल होना पूरी तरह असंभव है।

रोम में शांति वार्ता और राष्ट्रपति का रुख

दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का यह नया और अहम दौर चार से छह अगस्त तक रोम में आयोजित किया जा रहा है। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य तनाव को खत्म करना और सीमावर्ती इलाकों में पूरी तरह से शांति बहाल करना है।

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने स्पष्ट किया है कि बातचीत ही इस विवाद को सुलझाने का एकमात्र रास्ता है। हालांकि उन्होंने यह भी दोहराया कि देश अपनी संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और इजरायली सेना की पूरी वापसी ही उनकी सरकार की सबसे पहली और सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

Desh Raj
Desh Raj
Please wait....

Read more

Related News