तिब्बत के लारुंग गार में चीन की कड़ी सुरक्षा के बीच आवासीय भवनों पर चला बुलडोजर, आवाजाही पर रोक

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Sêrtar News: तिब्बत के सेर्ता स्थित प्रसिद्ध बौद्ध धार्मिक केंद्र लारुंग गार में चीनी प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। भारी सैन्य बल की तैनाती के बीच भिक्षुओं और भिक्षुणियों के आवासीय भवनों को गिराया जा रहा है। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में लोगों की आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए गए हैं।

मुख्य मार्ग पर चेकप्वाइंट बनाकर प्रवेश पर सख्त पाबंदी

रिपोर्ट्स के अनुसार मुख्य मार्ग पर चेकप्वाइंट बनाए गए हैं, जहां चुनिंदा स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ही सख्त निगरानी में एंट्री मिल रही है। परिसर में प्रवेश पाने वालों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग अनिवार्य है। बाहरी तीर्थयात्रियों को रोका जा रहा है और सुरक्षा कर्मी लोगों की हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं।

मठ प्रशासन की अपील के बाद भी ध्वस्तीकरण जारी

आवासीय परिसरों को गिराने का यह अभियान 13 जुलाई से शुरू हुआ था, जिसे मठ प्रशासन के विरोध के बावजूद नहीं रोका गया। प्रशासन ने इसके पीछे ओवरक्राउडिंग और सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। जिन भिक्षुओं के घर तोड़े गए हैं, उन्हें लारुंग गार से बाहर उनके मूल गृह क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।

ड्रोन कैमरे पर बैन और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती

कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ड्रोन से फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस दौरान 10वें पंचेन लामा का फोटो दिखाने वाले एक भिक्षु को पुलिस ने हिरासत में लिया है। चीन ने इससे पहले भी साल 2001, 2016 और 2019 में यहां बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था।

Desh Raj
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