Washington News: अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच सामने आई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, इजराइल ईरान के शीर्ष सैन्य जनरलों को निशाना बनाने के लिए एक नई रणनीतिक योजना पर विचार कर रहा है। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट और मोसाद के पूर्व अधिकारियों के बयानों में इसे उच्च तकनीक आधारित गोपनीय ऑपरेशन बताया जा रहा है, जिसको लेकर अमेरिकी सीनेट में भी चिंताएं जताई गई हैं।
पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बीच एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजराइल ईरान की सैन्य कमान को कमजोर करने के लिए रणनीतिक योजना पर काम कर रहा है। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, यदि पश्चिम एशिया में टकराव बढ़ता है, तो इजराइल बड़े मिसाइल हमलों के बजाय ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व को लक्षित करने की तैयारी में है।
मोसाद के पूर्व डिप्टी हेड (ग्लोबल ऑपरेशन्स) ओदेद ऐलम ने संकेत दिया है कि इजराइल लेबनान में 2024 में हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनाए गए इलेक्ट्रॉनिक व कम्युनिकेशन आधारित सरप्राइज ऑपरेशन की तर्ज पर ईरानी नेतृत्व के खिलाफ भी रणनीति बना सकता है।
पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और राजनीतिक प्रतिक्रिया
क्षेत्र में तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना की सैन्य तैनाती में भी वृद्धि देखी गई है। नौसेना का निमिट्ज़-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस थिओडोर रूजवेल्ट क्षेत्र की ओर अग्रसर है, जहां पहले से ही यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन और यूएसएस जॉर्ज डब्लू बुश की अगुवाई में दो कैरियर टास्क फोर्स मौजूद हैं।
इस बीच, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिसौरी के ‘KCMO’ रेडियो स्टेशन से बातचीत में दावा किया कि यह संघर्ष जल्द समाप्त हो सकता है। वहीं, रिपब्लिकन सीनेटर रॉजर मार्शल ने संकेत दिया कि अमेरिकी चुनावों के बाद क्षेत्रीय स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी सीनेटर ने जताई गंभीर चिंता
संभावित सैन्य योजना को लेकर वाशिंगटन में राजनीतिक स्तर पर विरोध और चिंता भी व्यक्त की जा रही है। कनेक्टिकट से डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी ने इस तरह की किसी भी आक्रामक योजना को लेकर चेतावनी दी है।
सीनेटर मर्फी ने कहा कि उन्हें संभावित सैन्य योजना से जुड़ी एक गोपनीय जानकारी मिली है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में व्यापक युद्ध की आशंका गहरा सकती है। मर्फी ने चिंता व्यक्त की कि इस तरह के सैन्य अभियानों के दायरे में नागरिक ढांचे के आने से एक लंबा और विनाशकारी संघर्ष छिड़ सकता है।
ईरानी सैन्य नेतृत्व पर केंद्रित रणनीति के दावे
मोसाद के पूर्व अधिकारी ओदेद ऐलम का दावा है कि राजनीतिक स्तर पर राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान और विदेश मंत्री अब्बास अराघची जैसे चेहरों के समानांतर ईरान की वास्तविक कमान वहां के शक्तिशाली सैन्य गुट के पास है। रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल की रणनीतिक सूची में ईरान के चार शीर्ष जनरल प्रमुखता से शामिल हैं। दावा किया गया है कि इन अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा और सैन्य मोर्चों पर मुख्य भूमिका निभाई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस तरह के गोपनीय ऑपरेशनों को अंजाम दिया जाता है, तो पूरे पश्चिम एशिया में सीधे टकराव का जोखिम बढ़ सकता है।