Washington News: ईरान ने मिडिल ईस्ट स्थित अमेरिकी सेना के बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों से सरप्राइज अटैक कर दिया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक सभी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया है। यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सैन्य अभियान रोके जाने के फैसले के तुरंत बाद हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य ऑपरेशन रोकने के बाद ईरान का हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना ने शाम 5:45 बजे बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार दागी गई मिसाइलों की संख्या चार के आसपास थी। अमेरिकी सेना ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी खतरों को नाकाम कर दिया और स्थिति पर पूरी निगरानी बनाए हुए है।
यह हमला ऐसे समय हुआ जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमले रोकने और बातचीत का दौर शुरू होने का दावा किया था। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने वाशिंगटन के साथ किसी भी तरह की बातचीत से पूरी तरह इनकार किया है। इस विरोधाभासी स्थिति ने शांति प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा संकट और तेल आपूर्ति पर खतरा
ईरानी कार्रवाई से होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट और अधिक गहरा गया है। फारस की खाड़ी का यह संकरा समुद्री मार्ग वैश्विक तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जहां से दुनिया का लगभग 20 फीसदी तेल गुजरता है। फरवरी में संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर सख्त नाकेबंदी कर रखी है।
ईरान का रुख है कि इस मार्ग से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों को उससे मंजूरी लेनी होगी और शुल्क देना होगा। इसके विपरीत, अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग मानते हुए किसी भी देश के एकाधिकार को खारिज करता है। इसी विवाद पर अप्रैल में हुआ संघर्षविराम इस महीने टूट गया था और लगातार दो हफ्तों तक भीषण हमले हुए थे।