New Delhi News: सोशल मीडिया पर टीवी सब्सक्रिप्शन फीस को लेकर चल रही खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं। सरकारी फैक्ट-चेक यूनिट पीआईबी ने स्पष्ट किया है कि टीवी सेवाएं महंगी होने या बंद होने जैसा कोई नियम लागू नहीं किया गया है। यह दावा भ्रामक है और जनता को इससे भ्रमित नहीं होना चाहिए, क्योंकि सरकार ने ऐसी कोई योजना नहीं बनाई है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने हाल ही में ‘टेलीकम्युनिकेशंस (टेलीविजन, रेडियो और संबंधित सेवाएं) नियम, 2026’ का मसौदा जारी किया है। इस ड्राफ्ट का मुख्य मकसद देश में टीवी और रेडियो से जुड़े अलग-अलग नियमों को एक साथ लाना है। सरकार का उद्देश्य केवल नियामकीय प्रक्रिया को सरल और आसान बनाना है, न कि ग्राहकों पर बोझ बढ़ाना।
ड्राफ्ट नियमों पर सुझाव देने की अंतिम तिथि
मंत्रालय ने इस मसौदे पर आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। यदि किसी के पास कोई आपत्तियां या सुझाव हैं, तो वे 27 जुलाई, 2026 तक मंत्रालय को भेज सकते हैं। सरकार पारदर्शिता के साथ यह प्रक्रिया पूरी कर रही है। इसमें डीटीएच या टीवी सेवाओं की फीस बढ़ाने का कोई प्रावधान बिल्कुल नहीं है।
मीडिया रिपोर्ट्स में किए जा रहे दावे कि टीवी सब्सक्रिप्शन की कीमतें 4 से 6 गुना बढ़ जाएंगी, पूरी तरह गलत हैं। पीआईबी फैक्ट चेक ने इन खबरों को नकार दिया है। आप सभी से अपील है कि ऐसी किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल मंत्रालय की वेबसाइट का ही उपयोग करें।