Kanpur News: सियाचिन और लद्दाख जैसे बर्फीले इलाकों में तैनात भारतीय सैनिकों की सुरक्षा के लिए कानपुर में एक अत्याधुनिक स्मार्ट वर्दी तैयार की जा रही है। यह विशेष वर्दी हिमस्खलन या बर्फीले तूफान के दौरान बर्फ में दबे जवानों की सटीक लोकेशन रेस्क्यू टीम तक पहुंचाएगी।
डीआरडीओ की कानपुर स्थित रक्षा प्रयोगशाला ‘डीएमएसआरडीई’ ने सेना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना पर काम शुरू किया है। इसके प्रोटोटाइप निर्माण और अनुसंधान के लिए उत्तर प्रदेश टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी संस्थान (यूपीटीटीआई) के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
कंडक्टिव इंक और जीपीएस चिप से लैस होगी विशेष वर्दी
वैज्ञानिकों के अनुसार इस स्मार्ट वर्दी में कंडक्टिव इंक की मदद से विशेष इलेक्ट्रॉनिक सर्किट प्रिंट किए जाएंगे। इन सर्किटों को जीपीएस मॉड्यूल, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक चिप और विभिन्न सेंसर से जोड़ा जाएगा। यह पूरी तकनीक कपड़े के भीतर ही समाहित होगी, जिससे जवानों को अतिरिक्त वजन नहीं उठाना पड़ेगा।
इस वर्दी को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि इसे मोड़ने, धोकर सुखाने या लगातार पहनने पर भी इसकी कार्यक्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हिमस्खलन में सैनिक के दबने पर भी इसका इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम सक्रिय रहेगा और लोकेशन सिग्नल भेजता रहेगा, जिससे रेस्क्यू दल सीधे मौके पर पहुंच सकेगा।
बचाव अभियान होगा तेज, बचेगी जवानों की जान
यूपीटीटीआई कानपुर के डीन एकेडमिक प्रोफेसर मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि बर्फीले क्षेत्रों में तैनात सैनिकों के लिए यह तकनीक एक क्रांतिकारी कदम साबित होगी। अब तक बर्फ में दबे सैनिकों की खोज में कई दिन लग जाते थे, लेकिन इस स्मार्ट वर्दी से खोज अभियान सटीक, तेज और प्रभावी बनेगा।
भविष्य में इस स्मार्ट यूनिफॉर्म में सैनिक के शरीर का तापमान, हृदय गति और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संकेतों (वाइटल साइंस) की निगरानी करने वाले फीचर्स जोड़ने की भी योजना है। फिलहाल दोनों संस्थानों का पूरा ध्यान लोकेशन ट्रैकिंग आधारित प्रोटोटाइप को सफलता से तैयार करने पर है।