Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन के बाद एक नई तकनीक चर्चा में आ गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शनकारियों ने इंटरनेट बंद होने के बावजूद आपसी संपर्क के लिए ब्लूटूथ आधारित ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया था।
बिना मोबाइल नेटवर्क के ऐसे पहुंचते हैं मैसेज
बिना 4G, 5G, वाई-फाई या मोबाइल नेटवर्क के भी मैसेज भेजे जा सकते हैं। इसके लिए सामान्य मैसेजिंग ऐप के बजाय खास ऑफलाइन मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये ऐप्स ब्लूटूथ लो एनर्जी और मेश नेटवर्क टेक्नोलॉजी की मदद से काम करते हैं, जिसमें मैसेज किसी सर्वर के बिना सीधे डिवाइस तक पहुंचते हैं।
जानिए क्या है ब्लूटूथ मेश नेटवर्क टेक्नोलॉजी
इस तकनीक में किसी मोबाइल टावर या इंटरनेट सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती है। अगर दो फोन ब्लूटूथ की रेंज में हैं और उनमें एक ही ऐप है, तो वे कनेक्ट हो जाते हैं। जब बीच में अन्य यूज़र्स होते हैं, तो हर फोन रिले की तरह काम करता है और मैसेज एक फोन से दूसरे फोन तक आगे बढ़ता रहता है।
बिटचैट ऐप और पुलिस की जांच
ऑफलाइन ऐप्स में जुलाई 2025 में जैक डोर्सी द्वारा लॉन्च किए गए बिटचैट ऐप की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इसमें बिना मोबाइल नंबर या अकाउंट के ब्लूटूथ से मैसेज भेजे जा सकते हैं। फिलहाल दिल्ली पुलिस इंटरनेट प्रोटोकॉल रिकॉर्ड्स और सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की तकनीकी जांच कर रही है।