Delhi News: साइबर अपराधियों ने अब अमेरिका की बड़ी वित्तीय संस्थाओं और कंपनियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। गूगल और रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक महीने में दर्जनों वित्तीय कंपनियों को फेक आईटी सपोर्ट फोन कॉल और फर्जी फिशिंग वेबसाइट्स के जरिए ठगने का प्रयास किया गया है।
किस तरह कर्मचारियों को ठगते हैं साइबर क्रिमिनल्स
हैकर्स कर्मचारियों के व्यक्तिगत फोन नंबरों पर कॉल करके खुद को कंपनी का आईटी हेल्प डेस्क कर्मचारी बताते हैं। वे पासकी या मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (एमएफए) अपडेट करने का झांसा देकर असली जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट्स पर लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करवाते हैं और तुरंत अकाउंट पर कब्जा कर लेते हैं।
इन दिग्गज वित्तीय कंपनियों और संस्थानों को बनाया गया निशाना
गूगल थ्रेट इंटेलिजेंस के अनुसार, इस फिशिंग कैंपेन में ब्लैकस्टोन, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट, केकेआर, बेन कैपिटल, ब्रिजवाटर एसोसिएट्स, मूडीज और उबर जैसी 200 से अधिक कंपनियों के नाम पर फर्जी वेबसाइट्स बनाई गईं। हैकर्स का मुख्य मकसद संवेदनशील डेटा चुराकर कंपनियों से मोटी रकम वसूलना है।
साइबर हमलों से बचाव के लिए गूगल ने जारी की एडवाइजरी
गूगल ने कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कर्मचारियों को ऐसे अचानक आने वाले आईटी रिक्वेस्ट्स के प्रति सतर्क करें। फोन पर कभी भी अपने पासवर्ड या वेरिफिकेशन कोड शेयर न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की पुष्टि हमेशा कंपनी के आधिकारिक चैनलों के जरिए ही की जानी चाहिए।