Beijing News: चीन के टेक्नोलॉजी सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल से सॉफ्टवेयर इंजीनियरों और कुशल कर्मचारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। कोडिंग और अन्य तकनीकी कामों को तेजी से संभालने वाले नए टूल्स के कारण कंपनियों में कर्मचारियों की जरूरत लगातार घटती जा रही है।
सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री में नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कंपनियां अब ऐसे सिस्टम अपना रही हैं, जो कोड लिखने और बौद्धिक कार्यों को बहुत कम समय में पूरा करते हैं। इसके चलते भविष्य में बेहद सीमित संख्या में प्रोग्रामर की मदद से बड़े प्रोजेक्ट्स तैयार किए जा सकेंगे।
कठिन वर्क कल्चर और बढ़ती छंटनी का दबाव
चीनी टेक सेक्टर लंबे समय से अपनी सख्त 996 कार्य संस्कृति के लिए जाना जाता रहा है। इसमें सुबह 9 से रात 9 बजे तक हफ्ते में छह दिन काम के बदले बेहतरीन सैलरी मिलती थी। टेनसेंट, अलीबाबा और बाइटडांस जैसी कंपनियों ने लाखों युवाओं को बड़े अवसर दिए थे।
अब छंटनी का दायरा केवल नए कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि 30 से 40 वर्ष की आयु वाले अनुभवी प्रोफेशनल्स भी प्रभावित हो रहे हैं। कंपनियों द्वारा लागत घटाने और दक्षता बढ़ाने के लिए किए जा रहे बदलावों के कारण दशकों तक काम करने वाले पुराने कर्मचारियों की नौकरियां भी जा रही हैं।
जटिल प्रोजेक्ट्स में एआई का बढ़ता दखल
नए टूल्स अब सिर्फ सामान्य कोड लिखने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जटिल प्रोग्रामिंग भी संभाल रहे हैं। हफ्तों और महीनों में पूरे होने वाले काम अब कुछ ही समय में निपट रहे हैं। उत्पादकता बढ़ने के साथ ही कर्मचारियों की आवश्यकता तेजी से कम होती जा रही है।
नौकरी जाने से कर्मचारियों के सामने भारी वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। होम लोन, बच्चों की पढ़ाई का खर्च और घटती बचत से परिवारों पर दबाव बढ़ रहा है। टॉप यूनिवर्सिटी से डिग्री और लंबा अनुभव होने के बावजूद प्रोफेशनल्स को महीनों तक नई नौकरी तलाशने में संघर्ष करना पड़ रहा है।