Deoria News: देवरिया जिले के नगर निकायों में वित्तीय और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं की जांच के बाद डीएम ने पथरदेवा और रामपुर कारखाना के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति भेजी है। वहीं नगर पालिका गौरा बरहज के मनोनीत सभासदों ने भी विभिन्न मुद्दों को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपा है।
देवरिया जिले के नगर निकायों में कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन को लेकर अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी द्वारा कराई गई प्रशासनिक जांच में खामियां उजागर होने के बाद पथरदेवा और रामपुर कारखाना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों (ईओ) के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
पथरदेवा टेंडर विवाद में ईओ पर संस्तुति
नगर पंचायत पथरदेवा में 5.79 करोड़ रुपये की लागत के 20 विकास कार्यों के टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 8 अक्टूबर को टेंडर खोले जाने थे, लेकिन देर रात विवाद की स्थिति बनी और ईओ हिमांशु सिंह के कथित अपहरण के प्रयास का मामला भी सामने आया।
प्रकरण उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराई। जांच में ईओ हिमांशु सिंह की भूमिका में अनियमितता पाए जाने पर जिलाधिकारी ने 15 अक्टूबर को उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति पत्र भेजा। फिलहाल इस मामले में शासन स्तर से अंतिम निर्णय प्रतीक्षित है।
रामपुर कारखाना ईओ पर वित्तीय अनियमितता के आरोप
उधर, नगर पंचायत रामपुर कारखाना के ईओ रोहित पांडेय पर भी वित्तीय अनियमितता और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी के आरोप जांच में सही पाए गए। उनके विरुद्ध भी जिलाधिकारी ने बुधवार को शासन को कार्रवाई की संस्तुति भेजी।
उल्लेखनीय है कि नगर पंचायत के निर्वाचित और मनोनीत सभासदों ने 31 अगस्त को प्रशासनिक अधिकारियों को सामूहिक त्यागपत्र से संबंधित पत्र सौंपकर व्यवस्था पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद प्रशासन ने जांच शुरू की थी।
गौरा बरहज के मनोनीत सभासदों ने सौंपा पांच सूत्रीय मांग पत्र
इस बीच नगर पालिका परिषद गौरा बरहज के मनोनीत सभासदों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। सभासदों ने चेतावनी दी है कि यदि 21 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक इस्तीफा देंगे।
सभासदों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा लगाए गए होर्डिंग में मनोनीत सभासदों के नाम और फोटो शामिल नहीं किए गए। उन्होंने होर्डिंग की डिजाइन, प्रशासनिक स्वीकृति और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इसके अतिरिक्त नगर पालिका में जलकल सुपरवाइजर की नियुक्ति और प्रोन्नति से जुड़े नियमों की जांच की भी मांग उठाई गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान अनिरुद्ध तिवारी, धर्मवीर सिंह पप्पू, आशुतोष सोनकर तथा सभासद प्रतिनिधि विजय सिंह रिंकू मौजूद रहे।