Dausa News: श्यालावास जेल में बंद 49 वर्षीय कैदी लटूरमल मीणा की तबीयत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
नाराज परिजनों ने शव को लेने से साफ मना कर दिया है। उन्होंने जिला अस्पताल परिसर में ही धरना शुरू कर दिया है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करने की उठी मांग
परिजनों का कहना है कि जिस मामले में लटूरमल को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, उसमें शामिल पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग उठाई है।
धरने के दौरान प्रशासन और परिजनों के बीच लगातार बातचीत के प्रयास किए गए। हालांकि परिजन अपनी मांगें पूरी होने तक हटने को तैयार नहीं हैं। वे अपनी मांगों को लेकर अस्पताल में डटे हुए हैं।
धरने में पहुंचे विधायक दीनदयाल बैरवा, मुआवजे की उठाई मांग
मामले की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक दीनदयाल बैरवा भी जिला अस्पताल पहुंचे। वह मृतक के परिजनों के साथ धरने में शामिल हो गए। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
विधायक बैरवा ने कहा कि जेल प्रशासन की जिम्मेदारी बंदियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करना है। जेल में होने वाली मौतों की पारदर्शी जांच जरूरी है। फिलहाल प्रशासन परिजनों से वार्ता कर स्थिति को संभालने में जुटा है।