Chandigarh News: हरियाणा सरकार ने नशे के बढ़ते नेटवर्क को खत्म करने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। अब यह लड़ाई सीधे गांव और वार्ड स्तर पर लड़ी जाएगी। सरकार हर गांव और शहरी वार्ड में नशा मुक्ति टास्क फोर्स का गठन कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अहम जिम्मेदारी सौंपेगी।
चार स्तरीय निगरानी तंत्र से होगी सीधी मॉनिटरिंग
नशे पर प्रभावी रोक के लिए पहली बार चार स्तरीय निगरानी तंत्र बनाया गया है। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव, जिला स्तर पर उपायुक्त और उपमंडल स्तर पर एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटियां काम करेंगी। चौथा स्तर गांव और वार्ड टास्क फोर्स का होगा, जहां सरपंच, मेयर और चेयरमैन अभियान का नेतृत्व करेंगे।
हॉटस्पॉट की पहचान और पुलिस को त्वरित सूचना
जिला स्तर पर गठित समिति नशे के हॉटस्पॉट चिन्हित करेगी और हर महीने समीक्षा बैठक होगी। गांव और वार्ड स्तर की टास्क फोर्स अपने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को देगी। पुलिस की मदद से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर नशा तस्करों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
72 घंटे में उपचार और पुनर्वास पर जोर
सरकार ने नशे की गिरफ्त में आए पीड़ितों को 72 घंटे के भीतर उचित इलाज और काउंसिलिंग मुहैया कराने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही नशा मुक्ति मित्रों की मदद से लोगों को जागरूक किया जाएगा और नशा छोड़ चुके व्यक्तियों को कौशल विकास व रोजगार से जोड़कर पुनर्वासित किया जाएगा।