Chandigarh News: हरियाणा सिविल सचिवालय में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की अहम बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
कैबिनेट बैठक में राज्य सरकार ने इलेक्ट्रिक कारों के रजिस्ट्रेशन को लेकर बड़ी राहत दी है। नए फैसले के अनुसार, हरियाणा में अब 30 लाख रुपये तक की कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों का रजिस्ट्रेशन पूरी तरह से मुफ्त कर दिया गया है। इसके लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा।
30 लाख से अधिक कीमत वाली कारों पर भी छूट
सरकार ने 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली लग्जरी इलेक्ट्रिक कारों के खरीदारों को भी राहत दी है। ऐसी गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50 प्रतिशत की भारी छूट देने का ऐलान किया गया है। इस कदम से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देना, पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता कम करना और बढ़ते प्रदूषण पर लगाम लगाना है। सरकार का मानना है कि रजिस्ट्रेशन फीस खत्म होने से लोग अब पारंपरिक ईंधन वाली गाड़ियों के बजाय ईवी खरीदने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
पर्यावरण संरक्षण और ग्रीन ट्रांसपोर्ट पर जोर
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अगुवाई में हुई इस बैठक में ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। राज्य सरकार लगातार हरियाणा को ई-मोबिलिटी के क्षेत्र में आगे ले जाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने का प्रयास कर रही है।
कैबिनेट की इस बैठक में ईवी नीति के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और जनहित के प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। बैठक समाप्त होने के बाद राज्य सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा मंजूर किए गए अन्य सभी बड़े फैसलों की आधिकारिक और विस्तृत जानकारी मीडिया के साथ साझा की जाएगी।