Gurugram News: हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह जिलों की बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनी के हाथों में सौंपने के प्रस्ताव पर अंतिम फैसला होने में फिलहाल कुछ समय और लगेगा। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) द्वारा गठित 3 सदस्यीय स्वतंत्र विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट तय समय-सीमा में तैयार नहीं हो सकी है।
आयोग ने समिति को 15 दिनों के भीतर यानी 28 जुलाई तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा तय की थी। लेकिन प्रशासनिक और तकनीकी कारणों से रिपोर्ट समय पर पूरी नहीं हो सकी है। समिति ने आयोग से अपना अध्ययन पूरा करने के लिए 15 दिनों का अतिरिक्त समय मांगा है।
जनसुनवाई के बाद आयोग ने गठित की थी विशेषज्ञ समिति
आयोग ने इस संबंध में बीते 9 जुलाई को आदेश जारी किया था। इससे पूर्व 8 जुलाई को आयोजित जनसुनवाई में निजी कंपनी, सरकारी बिजली निगमों, कर्मचारी यूनियनों, किसान संगठनों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों के तर्कों को सुना गया था। सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद आयोग ने अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया था।
विवाद का सर्वमान्य समाधान तलाशने के लिए एचईआरसी ने सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी आलोक निगम की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में बिजली क्षेत्र के विशेषज्ञ ई. रविंद्र कुमार शर्मा और वित्त विशेषज्ञ विभू प्रसाद महापात्र को बतौर सदस्य शामिल किया गया है।
इन प्रमुख बिंदुओं का गहन मूल्यांकन करेगी कमेटी
समिति के अध्यक्ष आलोक निगम ने बताया कि रिपोर्ट पूरी तरह तैयार कर आयोग को सौंपने में लगभग दो सप्ताह का समय और लग सकता है। यह समिति यह जांच करेगी कि एलवन पावर प्राइवेट लिमिटेड बिजली अधिनियम के तहत समानांतर वितरण लाइसेंस पाने के सभी मापदंडों को पूरा करती है या नहीं।
इसके अलावा कमेटी कंपनी की वित्तीय क्षमता, तकनीकी तैयारी, भावी निवेश योजना, उपभोक्ता हितों, बिजली दरों पर पड़ने वाले प्रभाव और क्रॉस सब्सिडी जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का विस्तृत मूल्यांकन करेगी। समिति की अंतिम रिपोर्ट मिलने के बाद ही आयोग इस महत्वाकांक्षी प्रस्ताव पर अपना फैसला सुनाएगा।