New Delhi News: रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में बैंड प्रदर्शन और रिट्रीट समारोह का आयोजन किया। गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में आरपीएफ महानिदेशक सोनाली मिश्रा की मौजूदगी में देशसेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले आठ शहीद जवानों और उनके परिजनों को सम्मानित किया गया।
देश की सुरक्षा और सेवा में प्राणों की आहुति देने वाले वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में भव्य बैंड प्रदर्शन, परेड और रिट्रीट समारोह आयोजित किया। गृह मंत्रालय के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस स्मृति दिवस की परंपरा को सम्मान देना तथा युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की भावना को सुदृढ़ करना था।
समारोह में रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक सोनाली मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने केंद्रीय ग्रेनाइट स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कर्तव्यपथ पर प्राण न्योछावर करने वाले जवानों के परिजनों को सम्मानित कर उनके त्याग और समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।
विभिन्न जोनों के आठ शहीद आरपीएफ कर्मियों को किया गया नमन
समारोह के दौरान रेलवे के विभिन्न जोनों में तैनात रहे आठ शहीद आरपीएफ कर्मियों के बलिदान को विशेष रूप से याद किया गया:
- निरीक्षक ओम प्रकाश मीणा (पूर्वी रेलवे)
- प्रधान आरक्षक सिपराज बासुकी (पूर्व मध्य रेलवे)
- प्रधान आरक्षक प्रेम किशोर मिश्रा (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे)
- प्रधान आरक्षक अरुण कुमार सिंह (पूर्वी रेलवे)
- आरक्षक राम आसरे सरोज (दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे)
- आरक्षक अशोक कुमार लील (पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे)
- आरक्षक धर्मेंद्र कुमार (पूर्वी रेलवे)
- आरक्षक लोकेश कुमार (पश्चिम मध्य रेलवे)
ब्रास और पाइप बैंड की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आरपीएफ के 43 सदस्यीय ब्रास बैंड और 17 सदस्यीय पाइप बैंड की अनुशासित और भव्य प्रस्तुति रही। बैंड की धुनों पर ‘वंदे मातरम्’ की भावपूर्ण प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति का संचार किया। इसके साथ ही आरपीएफ की विशेष टुकड़ियों ने सटीक तालमेल के साथ रिट्रीट ड्रिल और पारंपरिक ध्वज अवरोहण की प्रक्रिया पूरी की।
समारोह के समापन अवसर पर आरपीएफ के इतिहास, शौर्य और विकास यात्रा पर आधारित एक वृत्तचित्र फिल्म प्रदर्शित की गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, बल के जवानों तथा शहीद परिवारों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आरपीएफ ने अपने वीर जवानों के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की विरासत को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।