दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज में 14वें पिंक बूथ का उद्घाटन, छात्राओं को मिलेगी त्वरित पुलिस सहायता

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Delhi News: दिल्ली के सिविल लाइंस स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलेज में शुक्रवार को 14वें पिंक बूथ का उद्घाटन किया गया। उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार की मौजूदगी में शुरू हुए इस केंद्र से छात्राओं और महिलाओं को ई-एफआईआर, शिकायत दर्ज कराने तथा सत्यापन जैसी त्वरित पुलिस सेवाएं सीधे परिसर में मिलेंगी।

महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और उनके आत्मविश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से दिल्ली पुलिस ने उत्तरी जिले के सिविल लाइंस स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलेज में 14वें पिंक बूथ की शुरुआत की है। शुक्रवार, 30 तारीख को दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने इस नए पिंक बूथ का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार भी उपस्थित रहे।

इंद्रप्रस्थ कॉलेज में इस बूथ की स्थापना छात्राओं की सुरक्षा जरूरतों और उनके सुझावों के आधार पर की गई है। सितंबर 2026 में उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू ने कॉलेज का दौरा कर छात्राओं से सीधा संवाद किया था। उस दौरान छात्राओं ने कॉलेज परिसर के आसपास पुलिस की सक्रियता बढ़ाने और एक समर्पित सहायता केंद्र स्थापित करने की मांग रखी थी। उत्तरी जिला पुलिस ने इन सुझावों को प्राथमिकता देते हुए कॉलेज परिसर में यह बूथ स्थापित किया।

उत्तरी जिले में पहले से 13 पिंक बूथ संचालित हैं और इंद्रप्रस्थ कॉलेज में शुरू हुआ यह केंद्र जिले का 14वां पिंक बूथ है। इस रणनीतिक कदम से कॉलेज की छात्राओं, महिला प्राध्यापकों और स्थानीय नागरिकों को आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध हो सकेगी।

एक ही छत के नीचे मिलेंगी कई पुलिस सेवाएं

इंद्रप्रस्थ कॉलेज के इस पिंक बूथ पर महिलाओं को विभिन्न प्रकार की पुलिस सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी। यहां ई-एफआईआर दर्ज कराने, साइबर अपराध संबंधी शिकायत, गुमशुदगी की रिपोर्ट तथा किरायेदार व घरेलू सहायकों के सत्यापन की सुविधा मिलेगी।

इसके साथ ही छेड़छाड़, पीछा करने (स्टॉकिंग) या अन्य सुरक्षा संबंधी परेशानियों की शिकायतें भी यहां दर्ज कराई जा सकेंगी। आवश्यकता पड़ने पर शिकायतों को तुरंत संबंधित थाने को भेजकर त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधों की रोकथाम और पुलिस व छात्राओं के बीच विश्वास का माहौल बनाना भी है।

छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण प्राथमिकता

उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने इस पहल को महिला सुरक्षा और सामुदायिक पुलिसिंग (कम्युनिटी पुलिसिंग) की दिशा में एक अहम कदम बताया है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं और महिलाएं बिना किसी भय के शिक्षा ग्रहण कर सकें और दैनिक कार्यों को पूरे आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकें। परिसर में पुलिस की नियमित मौजूदगी से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और छात्राएं अपनी समस्याएं बिना किसी झिझक के साझा कर सकेंगी।

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