New Delhi News: भारतीय शेयर बाजार में 30 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत हल्की तेजी के साथ हुई। पिछले सत्र में आई जोरदार बढ़त के बाद शुक्रवार को भी सेंसेक्स और निफ्टी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, बाजार में आईटी और दिग्गज शेयरों की खरीदारी के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर दबाव बना हुआ है।
सेंसेक्स और निफ्टी का शुरुआती रुझान
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में मामूली बढ़त दर्ज की गई। सुबह करीब 9:52 बजे निफ्टी 50 करीब 0.24 फीसदी की बढ़त के साथ 22,987.40 के स्तर पर पहुंच गया था, जबकि सेंसेक्स लगभग 0.25 फीसदी चढ़कर 74,332.39 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
इससे पहले गुरुवार को बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी, जिसमें सेंसेक्स करीब 905 अंक उछलकर 74,151.04 पर और निफ्टी 238 अंक की मजबूती के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ था। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने और मजबूत तिमाही नतीजों से बाजार को यह सहारा मिला था।
IT शेयरों में मजबूती और चुनिंदा शेयरों का प्रदर्शन
शुक्रवार के कारोबार में आईटी कंपनियों के शेयरों में खास हलचल रही और शुरुआती दौर में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1.7 फीसदी ऊपर था। एशियाई बाजारों में टेक शेयरों पर दबाव के बावजूद भारतीय आईटी कंपनियों को रक्षात्मक विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
इसके अलावा, तिमाही नतीजों के दम पर ट्रेंट (Trent) के शेयरों में करीब 6 फीसदी और इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) के शेयरों में करीब 4 फीसदी का जोरदार उछाल आया। इसके विपरीत, कमजोर तिमाही नतीजों के चलते कोल इंडिया (Coal India) के शेयरों में करीब 2.5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतें और मिडकैप-स्मॉलकैप का दबाव
बाजार की इस तेजी के बीच ब्रेंट क्रूड (Brent crude) की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है, जिससे आयात बिल और महंगाई बढ़ने की चिंताएं गहरा गई हैं। इस वजह से जहां बड़े शेयरों में खरीदारी है, वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.9 फीसदी और मिडकैप इंडेक्स में लगभग 0.5 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है। निवेशकों की नजर अब रिलायंस इंडस्ट्रीज और सन फार्मा जैसे बड़े दिग्गजों के आगामी तिमाही नतीजों पर टिकी हुई है।