New Delhi News: नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एग्री एवं हॉर्टिकल्चर एक्सपो’ के तीसरे और अंतिम दिन हिमाचल प्रदेश की प्रदर्शनी को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। एक्सपो में प्रदेश की समृद्ध बागवानी विविधता, विशिष्ट फल प्रजातियों और आधुनिक कृषि तकनीकों को राष्ट्रीय स्तर पर बेहतरीन तरीके से प्रदर्शित किया गया।
एडवांस फ्रूट कल्टीवेशन पर आधारित थी प्रदर्शनी
यह एक्सपो ‘एडवांस फ्रूट कल्टीवेशन एंड हॉर्टिकल्चर लाइवलीहुड’ की अवधारणा पर आयोजित किया गया था। इस प्रतिष्ठित मंच पर हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. बी.एस. नेगी, विषय वस्तु विशेषज्ञ (बागवानी) डॉ. सुरेश नेगी, उद्यान विकास अधिकारी डॉ. संतोष मेहता और डॉ. प्रवीण मेहता ने भाग लिया।
विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल पर जीआई (GI) टैग प्राप्त हिमाचली सेब के साथ-साथ ब्लूबेरी, ड्रैगन फ्रूट, एवोकाडो, कीवी, सीबकथॉर्न, मशरूम, विभिन्न प्रकार के नट्स और अन्य विशिष्ट बागवानी उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। इन उत्पादों के माध्यम से राज्य की विविध जलवायु परिस्थितियों में फल उत्पादन की असीम संभावनाओं और फसल विविधीकरण के महत्व को रेखांकित किया गया।
बागवानों की आय बढ़ाने और आजीविका मजबूत करने पर जोर
प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य हिमाचल की विशिष्ट बागवानी पहचान को राष्ट्रीय फलक पर प्रस्तुत करने के साथ-साथ आधुनिक उत्पादन तकनीकों, नवीन फल प्रजातियों और मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देना रहा। इसके जरिए गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बागवानों की आय में वृद्धि करने के अवसरों को भी प्रस्तुत किया गया।
एक्सपो के अंतिम दिन हिमाचल प्रदेश को मिला यह प्रथम पुरस्कार प्रदेश के लिए एक गौरवशाली उपलब्धि है। इससे न केवल राज्य की बागवानी विरासत को नई पहचान मिली है, बल्कि भविष्य में फल उत्पादन को बढ़ावा देने, बागवानी विविधीकरण को मजबूत करने और आजीविका के साधनों को अधिक टिकाऊ व लाभकारी बनाने में भी काफी सहायता मिलेगी।