सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, जानिए आज क्या है 10 ग्राम सोने और 1 किलो चांदी का भाव

Share

- Advertisement -

New Delhi News: पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है और दोनों की कीमतें काफी नीचे आ गई हैं। दिल्ली के खुदरा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अक्टूबर को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,010 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,176 रुपये दर्ज की गई है। वहीं, 1 किलोग्राम चांदी का भाव लुढ़ककर 1,95,900 रुपये पर आ गया है। (नोट: ये दिल्ली के खुदरा भाव हैं, और विभिन्न शहरों में आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज व जीएसटी के कारण कीमतें अलग हो सकती हैं।)

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण महंगाई की चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर आने वाले फैसले से पहले सर्राफा बाजार में भारी दबाव बना हुआ है, जिसके चलते निवेशक यह आकलन कर रहे हैं कि कीमतों में यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या बाजार को जल्द राहत मिलेगी।

क्यों बना हुआ है सोने और चांदी पर दबाव?

कीमतों में आई इस कमजोरी के पीछे कई प्रमुख कारण हैं। सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर है, जिससे परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ने से महंगाई पर असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी भी सोने के लिए चुनौती बन रही है, क्योंकि निवेशकों को अन्य विकल्पों में बेहतर रिटर्न की उम्मीद नजर आ रही है।

पिछले सप्ताह घरेलू वायदा बाजार (MCX) पर भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जहां दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 4% गिरकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था, जबकि चांदी में लगभग 7.14% की बड़ी गिरावट आई और यह 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई थी।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी निवेशकों की नजर

अब बाजार की पूरी निगाहें 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी हैं। निवेशक यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर आगे क्या नीति अपनाता है। यदि फेडरल रिजर्व की ओर से महंगाई को लेकर सख्त संकेत दिए जाते हैं, तो सोने और चांदी पर दबाव बना रह सकता है, जबकि ब्याज दरों में नरमी के संकेत दोनों बहुमूल्य धातुओं को सहारा दे सकते हैं। जानकारों का मानना है कि शादी-ब्याह या घरेलू जरूरत के लिए खरीदारी करने वाले अपने बजट के अनुसार फैसला लें, जबकि निवेश के लिहाज से बाजार की अगली स्पष्ट दिशा का इंतजार करना बेहतर होगा।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

Read more

Related News