Delhi News: सर्दियों के मौसम में गंभीर वायु प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने कड़ा एक्शन प्लान बनाया है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव की बैठक के बाद पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने कई सख्त नियम लागू किए। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा भी मौजूद रहे।
गैर बीएस-6 बाहरी वाहनों पर रोक और पार्किंग शुल्क में इजाफा
राजधानी में 1 नवंबर से गैर बीएस-6 बाहरी वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जबकि सीएनजी गाड़ियों को राहत मिलेगी। निजी वाहनों की संख्या घटाने के लिए अधिकृत पार्किंग का चार्ज दोगुना होगा। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों और दिल्ली मेट्रो पार्किंग को इस अतिरिक्त वृद्धि से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जाएंगी। इससे लास्ट-माइल कनेक्टिविटी आसान होगी। इसके अलावा ट्रैफिक दबाव घटाने के लिए दफ्तरों के समय में बदलाव होगा। पचास प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू रहेगा, जिससे सड़कों पर भीड़ काफी कम हो सकेगी।
पेट्रोल पंपों पर नो पीयूसी नो फ्यूल और निर्माण पर प्रतिबंध
दिल्ली के 500 पेट्रोल पंपों पर ऑटोमैटिक कैमरों की मदद से ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ व्यवस्था लागू होगी। वैध फिटनेस प्रमाण पत्र न होने पर ईंधन नहीं मिलेगा। इसके साथ ही 1 नवंबर से तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण कार्यों पर कड़ा प्रतिबंध रहेगा, जिसे आगे पूर्ण रोक में बदला जाएगा।
शहर के 62 चिन्हित हॉटस्पॉट में से 42 को नियंत्रित कर लिया गया है। सड़कों की धूल रोकने के लिए विशेष सफाई अभियान चलेगा और गड्ढों को 72 घंटे में भरा जाएगा। कूड़ा व लकड़ी जलाने पर नजर रखने के लिए पुलिस टीमें तैनात रहेंगी तथा बेघरों के लिए हीटिंग जोन बनेंगे।