Delhi News: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने देश के पसंदीदा नेताओं और समसामयिक राजनीति पर खुलकर बात की है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने देश के सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की अपनी सूची साझा की। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में 5 सितंबर को शांतिपूर्ण मार्च निकालने का बड़ा ऐलान भी किया।
न्यूज़24 के खास कार्यक्रम में सीजेपी के शीर्ष नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास शामिल हुए। रैपिड फायर राउंड के दौरान जब देश के सर्वश्रेष्ट प्रधानमंत्री के बारे में सवाल पूछा गया, तब दीपके ने बिना झिझक पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का नाम लिया। इस जवाब पर आशुतोष रांका और सौरभ दास ने भी अपनी पूरी सहमति जताई।
बेस्ट चीफ मिनिस्टर के सवाल पर सीजेपी फाउंडर ने कहा कि देश में कई अच्छे मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य की अर्थव्यवस्था को काफी मजबूत किया। इसके अलावा उन्होंने केरल में शिक्षा और स्वास्थ्य मॉडल को बेहतर बनाने के लिए पिनराई विजयन का नाम भी प्रमुखता से लिया।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तारीफ करते हुए दीपके ने कहा कि उन्होंने स्कूलों और स्वास्थ्य क्षेत्र में बेहद शानदार काम किया था। उन्होंने कहा, ‘मैं ईमानदारी से कहूंगा कि अच्छा किया है तो किया है।’ उनकी नजर में बेहतर काम करने वाले नेताओं की काम के आधार पर सराहना होनी चाहिए।
देश के सबसे अच्छे शिक्षा मंत्री के सवाल पर दीपके ने निराशा जताई। उन्होंने कहा कि देश में प्राथमिक शिक्षा पर किसी भी सरकार ने गंभीरता से फोकस नहीं किया, जिसके दुष्परिणाम आज सोशल मीडिया पर दिखते हैं। रांका ने कहा कि कई राज्यों में शिक्षा मंत्रालय को आज भी सजा वाली पोस्टिंग माना जाता है।
संगठन ने 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर दिल्ली में बड़ा विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है। सीजेपी का आरोप है कि केंद्र सरकार ने 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त कराने के लिए दिए अपने वादे पूरे नहीं किए। यह शांतिपूर्ण मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर दिल्ली पुलिस मुख्यालय की ओर जाएगा।
इस मार्च में नीट परीक्षा रद्द होने और दोबारा परीक्षा के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजन शामिल होंगे। इसके अलावा जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान पुलिस की कार्रवाई का शिकार हुए छात्रों के रिश्तेदार भी इसमें हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही जंतर-मंतर पर घायल हुए पुलिसकर्मियों को मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
