Patna News: बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और अवैध सामग्री को तेजी से हटाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। गृह विभाग की नई अधिसूचना के तहत अब सभी 12 रेंज के आईजी और डीआईजी को विवादित ऑनलाइन सामग्री हटाने का सीधा अधिकार दे दिया गया है।
पहले यह महत्वपूर्ण अधिकार केवल साइबर अपराध और सुरक्षा इकाई के डीआईजी के पास सीमित था। नए आदेश के अनुसार अब रेलवे आईजी और पुलिस मुख्यालय के आईजी कार्मिक को भी यह शक्ति दी गई है। इस प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया पर विद्वेष फैलाने वाले संदेशों पर तुरंत रोक लगाना है।
आईटी एक्ट के तहत जोनल अधिकारियों को मिली नई शक्तियां
राज्य सरकार ने हाल ही में सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने वालों पर गुंडा एक्ट लगाने का प्रावधान किया था। अब आईटी एक्ट 2000 की धारा 79(3)(ख) के तहत जोनल अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। ये अधिकारी अपने क्षेत्र में नियमों का उल्लंघन करने वाले कंटेंट को हटाने का नोटिस जारी कर सकेंगे।
जानिए सोशल मीडिया से विवादित कंटेंट हटाने की पूरी प्रक्रिया
जिला और पुलिस मुख्यालय की सोशल मीडिया टीम सबसे पहले विवादित पोस्ट की पहचान करेगी। इसके बाद संबंधित पुलिस अधिकारी इस मामले को एसपी के माध्यम से रेंज के आईजी या डीआईजी तक पहुंचाएंगे। जोनल अधिकारी तुरंत संबंधित सोशल मीडिया कंपनी की लीगल टीम को पोस्ट टेकडाउन करने का निर्देश देंगे।
इस नई व्यवस्था में पटना, मगध, तिरहुत, मिथिला, पूर्णिया, सारण, शाहाबाद, चंपारण, कोशी, बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर रेंज के अधिकारी शामिल हैं। जोनल स्तर पर अधिकार मिलने से पुलिस की कार्रवाई में अनावश्यक देरी कम होगी। इससे राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा रखने वाले तत्वों पर सख्त लगाम लग सकेगी।