Birmingham: शर्मिला धनखड़ ने महिला शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में सोमवार को राष्ट्रमंडल खेलों में भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। चालीस वर्षीय शर्मिला ने 9.81 मीटर का सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो लगाकर यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और भारत के 20 साल लंबे इंतजार को खत्म किया।
इसी स्पर्धा में भारत की एक और खिलाड़ी शिल्पा शायला को लंबे विवाद के बाद कांस्य पदक प्रदान किया गया। शिल्पा ने प्रतियोगिता में 7.26 मीटर का अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया था। शुरुआत में नाइजीरिया की यूचेरिया इयियाजी पदक तालिका में तीसरे स्थान पर बनी हुई थीं।
आधिकारिक समीक्षा के बाद शिल्पा को मिला कांस्य पदक
भारतीय दल की आधिकारिक आपत्ति और समीक्षा के बाद नाइजीरियाई खिलाड़ी के एकमात्र वैध प्रयास को फाउल करार दिया गया। इस फैसले के बाद चौथे स्थान पर मौजूद शिल्पा शायला को सीधे कांस्य पदक मिल गया। हालांकि, नाइजीरियाई दल की तरफ से इस निर्णय के खिलाफ अपील करने की पूरी संभावना है।
पदक में बड़े बदलाव की आधिकारिक घोषणा के बाद भावुक शिल्पा ने शर्मिला के साथ जीत का जश्न मनाया। इस शानदार प्रदर्शन से भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक जीते। एफ57 वर्ग में उन खिलाड़ियों को शामिल किया जाता है जिनके निचले अंगों में शारीरिक अक्षमता या कमजोरी होती है।