New Delhi News: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे को अब बीसीसीआई की पेंशन योजना का लाभ मिलेगा। 30 जुलाई को संन्यास लेने वाले पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे अब क्रिकेट के मैदान से बाहर जीवन की नई पारी की शुरुआत कर रहे हैं। इस योजना के तहत उन्हें बोर्ड से निश्चित मासिक पेंशन मिलेगी।
अजिंक्य रहाणे को हर महीने मिलेंगे 70 हजार रुपये
अजिंक्य रहाणे ने भारत के लिए 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी-20 मैच खेले हैं। 85 टेस्ट खेलने के कारण वह बीसीसीआई की सर्वोच्च पेंशन श्रेणी में आए हैं। साल 2022 में बोर्ड ने पूर्व खिलाड़ियों की पेंशन राशि बढ़ाई थी। तब इस श्रेणी के खिलाड़ियों की पेंशन 50,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये प्रति माह की गई थी।
सौरव गांगुली के कार्यकाल में लिया गया था फैसला
पूर्व बोर्ड अध्यक्ष सौरव गांगुली के कार्यकाल में बीसीसीआई ने पूर्व खिलाड़ियों और अंपायरों की पेंशन बढ़ाने का फैसला लिया था। गांगुली ने कहा था कि पूर्व क्रिकेटरों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट की असली ताकत हैं और संन्यास के बाद भी उनके साथ खड़े रहना बोर्ड की मुख्य जिम्मेदारी है।
जानिए किन स्थितियों में बंद हो सकती है पेंशन
बीसीसीआई की यह मासिक पेंशन अजिंक्य रहाणे को तब तक मिलती रहेगी, जब तक वे बोर्ड में किसी पद पर नहीं जुड़ते। यदि वे भविष्य में बोर्ड के साथ कोच, सेलेक्टर या प्रशासक जैसी आधिकारिक जिम्मेदारी संभालते हैं, तो उस दौरान मिलने वाली पेंशन रोक दी जाएगी और उसकी जगह पद का नियमित वेतन ही दिया जाएगा।
अजिंक्य रहाणे ने संन्यास के बाद अपने अगले सफर की औपचारिक घोषणा अभी तक नहीं की है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले समय में युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना पसंद करेंगे। ऑस्ट्रेलिया में 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जिताने वाले रहाणे भारतीय क्रिकेट के साथ लगातार जुड़े रहकर नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को तराशना चाहते हैं।