Delhi News: सावन का दूसरा सोमवार इस बार बेहद खास और पावन रहने वाला है। 10 अगस्त को सावन के दूसरे सोमवार के साथ ही श्रावण कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का संयोग बन रहा है, जिससे सोम प्रदोष व्रत का दुर्लभ अवसर भी मिलेगा।
इस दिन सुबह कामिका एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा और शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना होगी। इस तरह श्रद्धालुओं को एक ही दिन सुबह भगवान विष्णु की उपासना और शाम को महादेव का पूजन करने का सौभाग्य प्राप्त होगा।
10 अगस्त को कामिका एकादशी पारण का शुभ समय
नौ अगस्त को कामिका एकादशी का व्रत रखा गया था। पंचांग के अनुसार 10 अगस्त की सुबह 5:37 बजे से 8:00 बजे के बीच पारण किया जा सकता है। पारण के लिए सुबह स्नान करके श्री हरि विष्णु को तुलसी अर्पित कर व्रत खोलें।
कामिका एकादशी का पारण पूरा होने के बाद सुबह करीब आठ बजे से त्रयोदशी तिथि शुरू हो जाएगी। सोमवार के दिन त्रयोदशी पड़ने के कारण इस दिन सोम प्रदोष व्रत का विधान रहेगा। धार्मिक दृष्टि से यह लगातार दो बड़े व्रतों का संगम है।
सोम प्रदोष व्रत और शिव पूजा का मुहूर्त
प्रदोष व्रत में भगवान शिव की पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में की जाती है। 10 अगस्त को प्रदोष पूजा का शुभ समय शाम 7:03 बजे से रात 9:11 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु स्थान के अनुसार समय मिला सकते हैं।
शाम की पूजा में शिवलिंग पर जल, दूध और गंगाजल अर्पित कर अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल और धतूरा चढ़ाएं। ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप और शिव चालीसा का पाठ करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।