Chamba News: उत्तर भारत की पवित्र मणिमहेश यात्रा आधिकारिक तौर पर मंगलवार से शुरू नहीं हो सकी। हेलीकॉप्टर उड़ानों को अंतिम मंजूरी न मिलने और भारी बारिश से पैदल ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को यात्रा शुरू करने के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ेगा।
एविएशन कंपनी ने गौरीकुंड में अपना तकनीकी स्टाफ तैनात कर दिया है। एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने बताया कि भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पैदल मार्ग प्रभावित हुआ था। मरम्मत कार्य तेजी से जारी है और बुधवार से यात्रा दोबारा शुरू होने की संभावना है।
हेली टैक्सी का किराया और सुरक्षा प्रबंध
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भरमौर और होली से गौरीकुंड तक कुल 4 हेली टैक्सियां सेवाएं देंगी। प्रशासन ने होली से गौरीकुंड का एक तरफ का किराया 6255 रुपये और भरमौर से गौरीकुंड का किराया 3828 रुपये तय किया है। टिकट बुकिंग को लेकर दिशानिर्देश जारी किए गए हैं।
हड़सर से पवित्र डल झील तक एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें पूरी तरह मुस्तैद हैं। संवेदनशील स्थानों पर पर्वतारोहण दल और पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही यात्रा मार्ग पर जरूरी दवाओं और ऑक्सीजन सिलेंडर से लैस 7 मेडिकल टीमें आपात स्थिति के लिए तैनात रहेंगी।
नाइट ट्रैवल पर पाबंदी और शाही स्नान का शुभ मुहूर्त
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए रात के समय आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया गया है। मैहला से आगे हाईवे पर रात 11 से सुबह 4 बजे तक और हड़सर से डल झील ट्रैक पर शाम 7 से सुबह 4 बजे तक चलने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
भरमौर स्थित चौरासी मंदिर के पुजारी पंडित छज्जू राम शर्मा के अनुसार जन्माष्टमी पर छोटा शाही स्नान 4 सितंबर रात 2:26 बजे से 5 सितंबर दोपहर 12:14 बजे तक होगा। वहीं बड़ा स्नान राधाष्टमी पर 18 सितंबर दोपहर 1 बजे से 19 सितंबर शाम 3:28 बजे तक चलेगा।