Siwan News: कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी पर शुक्रवार को लक्ष्मी नारायण योग के शुभ संयोग में धनतेरस का पावन पर्व मनाया जाएगा। इसी के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होगी। इस अवसर पर श्रद्धालु आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा-अर्चना करेंगे। पर्व को लेकर सीवान जिले के प्रमुख बाजारों में रौनक बढ़ गई है।
धन, आरोग्य और सुख-समृद्धि की कामना का महापर्व धनतेरस शुक्रवार को पूरे श्रद्धाभाव से मनाया जा रहा है। धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपावली महोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो जाएगा। मान्यता है कि इस पावन दिन शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और धन-धान्य में तेरह गुना वृद्धि होती है।
आंदर प्रखंड के पड़ेजी निवासी ज्योतिषाचार्य पंडित उमाशंकर पांडेय के अनुसार, भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना के लिए शुक्रवार शाम 6:02 बजे से 7:57 बजे तक का समय सर्वश्रेष्ठ और शुभ मुहूर्त है। इस अवधि में विधि-विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल प्राप्त होता है। अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति पाने के लिए इस दिन शाम को दक्षिण दिशा में यमराज के निमित्त दीपदान (यम दीपम) करने की विशेष परंपरा है।
बाजारों में उमड़ी भीड़, जमकर हो रही खरीदारी
धनतेरस को लेकर जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के बाजार सज गए हैं। शहर के जेपी चौक, पन्ना मार्केट, उजांय मार्केट, दरबार, महादेवा रोड, शहीद सराय, थाना रोड, गल्ला मंडी, शांति वट वृक्ष और श्रीनगर के बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ देखी जा रही है।
बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, मिट्टी के दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, पूजन सामग्री, कपड़े और राशन की दुकानों पर खासी बिक्री हो रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स सामान की दुकानों पर भी ग्राहक पहुंच रहे हैं और टीवी, मोबाइल आदि की खरीदारी कर रहे हैं।
पूजन विधि और खरीदारी का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें आयुर्वेद और उत्तम स्वास्थ्य का देवता माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी, तांबा या पीतल के बर्तन और झाड़ू खरीदना अत्यंत शुभ माना गया है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार, धातुओं की खरीदारी के लिए वृष लग्न विशेष फलदायी रहता है।
पूजा के लिए पूजा स्थल पर मिट्टी का हाथी और भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित कर गंगाजल से आचमन करें। इसके बाद भगवान गणेश का स्मरण कर अक्षत और पुष्प अर्पित करते हुए धन्वंतरि मंत्र का जाप करें। श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना करने से घर में आरोग्यता, शांति और समृद्धि का वास होता है।