Gairsain News: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में दो दिवसीय सत्र की शुरुआत हो गई है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले आयोजित इस सत्र के पहले दिन दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी गई। सरकार सदन में 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और कई विधेयक पेश करने जा रही है, जबकि विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग उठाई है।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में दो दिवसीय विधानसभा सत्र की आधिकारिक शुरुआत हो गई है। आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आयोजित हो रहे धामी सरकार के इस सत्र को राज्य के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन के पहले दिन की कार्यवाही दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुई।
सदन में 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट और महत्वपूर्ण विधेयक
सत्र के पहले दिन धामी सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए 7,412 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन के पटल पर रखेगी। इसके साथ ही कई महत्वपूर्ण अध्यादेशों और विधेयकों को भी सदन के समक्ष प्रस्तुत करने की पूरी तैयारी है। पहले दिन के औपचारिक शोक प्रस्तावों के समापन के बाद वित्तीय और विधायी कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा, ताकि प्रदेश की विभिन्न विकास योजनाओं और बुनियादी परियोजनाओं को आवश्यक वित्तीय संबल मिल सके।
अवधि बढ़ाने को लेकर विपक्ष का रुख
दो दिन की अल्प अवधि वाले इस सत्र के लिए 31 विधायकों ने कुल 445 प्रश्न लगाए हैं। सत्र का समय केवल दो दिन निर्धारित होने पर विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। विपक्ष ने सरकार से सत्र की अवधि को और अधिक बढ़ाने की मांग की है, ताकि जनहित से जुड़े मुद्दों, स्थानीय समस्याओं और विधायकों के प्रश्नों पर सदन में विस्तृत और खुली चर्चा कराई जा सके।
दूसरे दिन प्रश्नकाल और विधायी कार्य
सत्र के दूसरे और अंतिम दिन सदन में प्रश्नकाल आयोजित किया जाएगा। इस दौरान विधायकों द्वारा उठाए गए 445 सवालों पर संबंधित विभागों के मंत्री आधिकारिक उत्तर देंगे। इसके साथ ही पटल पर रखे गए अनुपूरक बजट और विभिन्न विधेयकों पर चर्चा कर उन्हें पारित कराने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कार्यदिवस सीमित होने के कारण दूसरे दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के आसार हैं।