Cebu News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बुधवार को फिलीपींस के सेबू में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक मंच पर भारत की साख, रक्षा तैयारी और आर्थिक क्षमता तेजी से बढ़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी को उकसाने की नीति में विश्वास नहीं रखता, लेकिन अगर कोई चुनौती देता है तो देश उसका मजबूती से जवाब देने में पूरी तरह सक्षम है।
फिलीपींस के सेबू में 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के दौरान भारतीय समुदाय से संवाद करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति, आर्थिक प्रगति और सुशासन के प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और पूरी दुनिया भारत के रुख को गंभीरता से सुनती है।
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विभिन्न राष्ट्रों द्वारा प्रदान किए गए सम्मानों का उल्लेख करते हुए बताया कि 35 देशों के नेतृत्व ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है, जो भारत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय साख का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “आज जब भारत बोलता है, तो दुनिया ध्यान से सुनती है।”
सुरक्षा नीति और रक्षा तैयारियों पर जोर
देश की सुरक्षा नीति को स्पष्ट करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की नीति किसी भी देश को अकारण उकसाने की नहीं है, लेकिन देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा पर आंच नहीं आने देगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, “हम किसी को उकसाते नहीं हैं, लेकिन यदि कोई हमें उकसाता है, तो हम उसे छोड़ते नहीं हैं।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और आतंकवाद के खतरों के बीच भारत ने अपनी सैन्य तैयारियों और रक्षा क्षमताओं को पहले की तुलना में काफी मजबूत किया है।
अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक मूल्य
भारत की आर्थिक स्थिति पर चर्चा करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि पश्चिम एशिया में संकट उत्पन्न नहीं हुआ होता, तो भारत अब तक दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो सकता था।
वैश्विक संबंधों में भारतीय संस्कृति की भूमिका का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ के दर्शन को भारत का मूल आधार बताया। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत पूरे विश्व को एक परिवार मानता है और शांति, सहयोग तथा संवाद के जरिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।