Shimla News: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की कार्यसमिति सदस्य और पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग के फैसलों से देश भर में लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं कमजोर हो रही हैं। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर किए जा रहे बदलावों से लगभग 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
एकतरफा फैसलों और वोट चोरी के खिलाफ सतर्क रहने की अपील
एक बयान में कांग्रेस नेत्री प्रतिभा सिंह ने सभी नागरिकों और राजनीतिक दलों से संभावित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ पूरी तरह सतर्क रहने का आह्वान किया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एसआईआर अभ्यास और फॉर्म 6 (मतदाता पंजीकरण प्रपत्र) में बदलाव जैसे कई महत्वपूर्ण निर्णय पूरी तरह एकतरफा लिए हैं, जबकि आयोग के अन्य दो सदस्यों ने इन पर असहमति जताई थी।
सिंह ने बड़ी संख्या में मतदाताओं के कथित बहिष्करण को बेहद चिंताजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के ऐसे कार्य संविधान, चुनाव आयोग और खुद लोकतंत्र में आम जनता के विश्वास को गहरा आघात पहुंचा रहे हैं। इन तमाम गंभीर आरोपों के मद्देनजर उन्होंने कहा कि देश मौजूदा स्थिति में ज्ञानेश कुमार को उनके पद पर बने रहने स्वीकार नहीं कर सकता।
1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ रैली का आह्वान
इस दौरान प्रतिभा सिंह ने हिमाचल प्रदेश की जनता से विशेष अपील करते हुए कहा कि वे 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने जा रही इंडिया गठबंधन की ‘देश बचाओ, वोट बचाओ’ रैली में भारी संख्या में शामिल हों। इस राष्ट्रव्यापी रैली का मुख्य उद्देश्य चुनावी अनियमितताओं का पुरजोर विरोध करना और देश के नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों व आम लोगों को एकजुट करना है। उन्होंने पूरा विश्वास जताया कि यह ऐतिहासिक सभा भाजपा की नीतियों के खिलाफ एक बड़े जन आंदोलन के रूप में उभरेगी।