Mumbai News: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के तुरंत बाद उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। उन्होंने मंगलवार को दक्षिण मुंबई स्थित अपने सरकारी आवास ‘देवगिरी’ में पार्टी के विधायकों और मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। बैठक में करीब 50 विधायक, मंत्री और उनके दोनों बेटे पार्थ व जय पवार मौजूद रहे।
पार्टी विधायकों और सांसदों की देर रात तक चली चर्चा के बाद बुधवार सुबह 10 बजे फिर से ‘देवगिरी’ बंगले पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई गई। यह बैठक पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और सांसद पार्थ पवार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा संगठन को मजबूत करने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
अमित शाह से दिल्ली में मिले थे वरिष्ठ नेता
न्यूज एजेंसी पीटीआई (PTI) के अनुसार, यह राजनीतिक गतिविधि ऐसे समय हुई जब रविवार को सुनेत्रा पवार की गैरमौजूदगी में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटिल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे ने दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात की थी। नेताओं के मुताबिक, उस बैठक में महायुति गठबंधन के अन्य दलों के साथ तालमेल पर चर्चा हुई थी। इसके तुरंत बाद मुंबई में विधायकों की यह बैठक बुलाकर सुनेत्रा पवार ने संगठन में अपनी पकड़ और नेतृत्व की एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया है।
2029 विधानसभा चुनाव सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में लड़ने का संकल्प
बैठक के बाद मुंबई एनसीपी अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी ने बताया कि पार्टी के सभी विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों ने एकमत से सुनेत्रा पवार के नेतृत्व पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2029 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पार्टी सुनेत्रा पवार की अगुवाई में ही लड़ेगी।
इसके साथ ही, दिवंगत अजित पवार द्वारा शुरू की गई हर मंगलवार को विधायकों से मिलने की साप्ताहिक परंपरा को निरंतर जारी रखने का फैसला किया गया, ताकि कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच किसी भी प्रकार की गलतफहमी न रहे।
सूखा प्रभावित इलाकों के दौरे और वित्त विभाग पर जोर
बैठक के दौरान विधायकों ने राज्य में वित्त विभाग दोबारा एनसीपी के पास लाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही आगामी एक दर्जन से अधिक जिला परिषद चुनावों की तैयारियों को लेकर रणनीति पर चर्चा हुई।
सुनेत्रा पवार ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने विभागीय कामकाज के साथ विधायकों को भी पर्याप्त समय दें और उनके क्षेत्रों के विकास कार्यों को प्राथमिकता दें। उन्होंने सभी विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा करने तथा संकट से जूझ रहे किसानों और आम जनता तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए।
दिवंगत अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की कमान संभालने वाली सुनेत्रा पवार ने विधायकों को आश्वस्त किया कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और सभी मिलकर दादा के अधूरे सपनों को पूरा करेंगे।