Dharamshala News: धर्मशाला से भारतीय जनता पार्टी के विधायक और पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पर्याप्त सबूत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज
विजिलेंस ब्यूरो ने सुधीर शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस केस की अधिकारिक जांच का जिम्मा इंस्पेक्टर नरेश कुमार को सौंपा गया है। ब्यूरो साल 2013 से 2023 के बीच हुए वित्तीय लेनदेन की गहनता से पड़ताल कर रहा है।
आयकर रिटर्न और चुनावी हलफनामे की हुई जांच
शुरुआती पड़ताल के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों से वित्तीय रिकॉर्ड जुटाए गए थे। इनमें आयकर रिटर्न, चुनावी हलफनामे, संपत्ति के दस्तावेज और मकान निर्माण के लिए लिए गए एडवांस शामिल हैं। रिकॉर्ड के मिलान से स्पष्ट हुआ है कि उनकी कुल संपत्ति और खर्च वैध आय के साधनों से काफी अधिक हैं।
जांच एजेंसी भूमि खरीद-बिक्री, वाहनों की खरीद, बैंक लेनदेन और मकान निर्माण पर हुए खर्च की बारीकी से जांच कर रही है। इसके अलावा इंटीरियर डिजाइनिंग और सजावटी सामान पर हुए खर्च का तकनीकी मूल्यांकन होना अभी बाकी है। विजिलेंस ने कहा है कि अगर किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता मिली तो उस पर भी कार्रवाई होगी।