Shimla News: शिमला जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव के लिए सोमवार को कड़ा मुकाबला होगा। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस और भाजपा अपने समर्थित सदस्यों को एकजुट रखने में जुट गई हैं। 25 सदस्यों वाली जिला परिषद में बहुमत के लिए 13 सदस्यों का समर्थन जरूरी है, इसलिए दोनों निर्दलीय सदस्यों की भूमिका बेहद अहम हो गई है।
25 सदस्यों वाली जिला परिषद में बहुमत के लिए चाहिए 13 का आंकड़ा
वर्तमान आंकड़ों के अनुसार भाजपा के पास 12 सदस्यों का समर्थन है, जबकि कांग्रेस के साथ 11 सदस्य खड़े हैं। ऐसे में दोनों निर्दलीय सदस्यों के रुख पर पूरा राजनीतिक समीकरण टिका है। सत्ता हासिल करने के लिए दोनों प्रमुख दल अंतिम समय तक निर्दलीय सदस्यों को अपने साथ लाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
पिछले तीन महीनों से जिला परिषद की सत्ता पर कब्जा जमाने के लिए गतिविधियां काफी तेज चल रही हैं। दोनों ही पार्टियां अपने समर्थक सदस्यों में किसी भी तरह की टूट-फूट को रोकने के लिए लगातार संपर्क में हैं। चुनाव से ठीक पहले रविवार दिनभर नेताओं की बैठकों और आपसी रणनीतियों का दौर जारी रहा।
उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में होगा मतदान
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि दोनों निर्दलीय सदस्य एक साथ किसी एक दल को समर्थन देते हैं, तो बाजी उसी के हाथ लगेगी। सोमवार सुबह जिला उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में चुनाव प्रक्रिया पूरी होगी। चुनाव को देखते हुए दोनों दल अपने-अपने सदस्यों के साथ निर्दलीयों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
सोमवार को होने वाली इस चुनावी बैठक पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं। चुनाव को लेकर शिमला का राजनीतिक पारा चढ़ा हुआ है। अब देखना दिलचस्प होगा कि रातभर चली राजनीतिक रस्साकशी किस दल के पक्ष में जाती है और शिमला जिला परिषद की कमान अंततः किसे मिलती है।