Solan News: हिमाचल के कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में प्रख्यात लेखक, पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता संजय हजारिका ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार रखे। उन्होंने कॉकरेज जनता पार्टी के धरने पर केंद्र सरकार के रवैये को अनुचित बताया। वहीं दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के निर्णय को काफी बेहतर कदम करार दिया।
युवाओं के आंदोलन को दबाना ठीक नहीं
संजय हजारिका ने कहा कि सीजेपी के धरने को लेकर सरकार जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया दे रही है, जबकि इस आंदोलन से लाखों युवा जुड़े हैं। देश की सुरक्षा का हवाला देकर लोकतांत्रिक आंदोलनों को दबाना गलत है। सरकार यह मानकर भूल कर रही है कि यह मुद्दा उसकी प्राथमिकता में नहीं है, जबकि इसे पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कश्मीर से धारा 370 हटाने के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार के कदम का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया, जिसके चलते उसे देश भर में सियासी नुकसान उठाना पड़ा और जनता ने उसके रुख को नकार दिया। पंजाब और कश्मीर दोनों राज्यों ने आतंकवाद का एक जैसा दर्द झेला है।
पंजाब और पूर्वोत्तर के आंदोलनों में विदेशी हाथ
अनुच्छेद 371 के तहत विशेष प्रावधानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात और पूर्वोत्तर के राज्यों की तरह पंजाब की मांग भी वाजिब है। पंजाब ने दशकों तक आतंकवाद का सामना किया है। उन्होंने रेखांकित किया कि 1960 के दशक में पंजाब के आंदोलनों को पाकिस्तान का सीधा समर्थन प्राप्त था, जिससे हालात गंभीर हुए थे।
उन्होंने आगे बताया कि 1960 और 1970 के दशक में पूर्वोत्तर के उग्रवादी संगठनों को भी पाकिस्तान और चीन दोनों से मदद मिलती थी। हालांकि बाद में पाकिस्तान के विभाजन और चीन की विदेश नीति में बदलाव के बाद यह विदेशी समर्थन पूरी तरह खत्म हो गया। इन ऐतिहासिक पहलुओं को समझे बिना मौजूदा समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता।