Mirzapur News: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विंध्य क्षेत्र में नए दलों के गठन के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। वहीं मीरजापुर में कांग्रेस संगठन के जिला और शहर अध्यक्ष के नामों की घोषणा न होने से पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विंध्य क्षेत्र का राजनीतिक माहौल लगातार गरमा रहा है। क्षेत्र में नए सियासी समीकरण तेजी से उभर रहे हैं। एक तरफ जहां पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल ने सेवा से इस्तीफा देकर ‘जननीति भारत’ नाम से नए राजनीतिक दल का गठन किया है और सभी सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी तरफ राबर्ट्सगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने अपना दल (एस) से अलग होकर ‘विंध्य समता समाज पार्टी’ (विंध्य समता मूलक समाज पार्टी) का गठन किया है।
इस बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच मीरजापुर में कांग्रेस पार्टी अब तक अपने जिलाध्यक्ष और शहर अध्यक्ष के नाम तय नहीं कर पाई है, जिससे स्थानीय संगठन व कार्यकर्ताओं में अनिर्णय की स्थिति देखी जा रही है।
संगठन सृजन अभियान और केंद्रीय पर्यवेक्षक की रिपोर्ट
जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के चयन की प्रक्रिया पिछले कई दिनों से चल रही है। कांग्रेस के ‘संगठन सृजन’ अभियान के तहत राजस्थान की पूर्व मंत्री व केंद्रीय पर्यवेक्षक संगीता बेनीवाल के समक्ष दावेदारों ने प्रोफार्मा भरकर दावेदारी पेश की थी।
केंद्रीय पर्यवेक्षक ने मीरजापुर में छह दिनों के प्रवास के दौरान बूथ, मंडल, ब्लॉक, जिला और नगर स्तर के प्रतिनिधियों से डोर-टू-डोर व वन-टू-वन संवाद कर संगठन विस्तार के लिए सुझाव लिए थे। रिपोर्टिंग और मिले सुझावों के आकलन के बाद उन्होंने जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष के लिए एक-एक नाम का पैनल 2 सितंबर को कांग्रेस आलाकमान को सौंप दिया था। हालांकि, दावेदारों और कार्यकर्ताओं को अब भी पार्टी नेतृत्व द्वारा आधिकारिक सूची जारी किए जाने का इंतजार है।
जिलाध्यक्ष व शहर अध्यक्ष पद के दावेदार
मीरजापुर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार सिंह पटेल (जमालपुर) सहित शशि भूषण दुबे (कंचनीय, लालगंज), राजधर दुबे (कोन), शिव शंकर चौबे (मझवां), जगदीश्वर दूबे (छानबे), दया शंकर पांडेय (नरायनपुर), शारदा प्रसाद मिश्र (पहाड़ी) और भूपेन्द्र शुक्ला (छानबे) ने अपनी दावेदारी पेश की है।
वहीं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद के लिए पीसीसी सदस्य रमेश चंद्र प्रजापति ‘पप्पू’, मिन्हाज अहमद ‘छोटे खान’, पीसीसी सदस्य विधि कुमार सिंह, नरेश चंद्र कनौजिया और जफर इकबाल ने नामांकन प्रोफार्मा भरा है।
पिछले चुनाव में मत प्रतिशत बना चिंता का विषय
स्थानीय राजनीतिक जानकारों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा है कि यदि संगठन विस्तार में इसी तरह देरी रही, तो आगामी विधानसभा चुनाव 2027 में पार्टी के लिए चुनावी राह कठिन हो सकती है।
विधानसभा चुनाव 2022 में मीरजापुर जिले की विभिन्न सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों को मिले मतों के आंकड़े इस प्रकार रहे थे:
- छानबे: भगवती चौधरी – 3,840 मत
- मीरजापुर: भगवान दत्त उर्फ राजन पाठक – 3,649 मत
- मझवां: शिवशंकर चौबे – 3,376 मत
- चुनार: सीमा देवी – 4,124 मत
- मड़िहान: गीता देवी कोल – 4,920 मत
विगत चुनाव में पार्टी प्रत्याशियों का मत आंकड़ा पांच हजार के भीतर ही सिमट गया था। ऐसे में नए दलों की सक्रियता के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को जल्द नेतृत्व चयन और सक्रिय चुनावी रणनीति का इंतजार है।