Darbhanga News: बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर बढ़त बनाए रखी है। प्रारंभिक सूचनाओं के अनुसार वे करीब 500 मतों से आगे चल रहे हैं, हालांकि आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा है। चुनाव से पूर्व वह भाजपा छोड़ जन सुराज में शामिल हुए थे।
बिहार विधान परिषद के दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हुए चुनाव की मतगणना के दौरान जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझानों और अपुष्ट सूचनाओं के अनुसार वे अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से करीब 500 मतों के अंतर से आगे चल रहे हैं, जिसकी अंतिम आधिकारिक पुष्टि होना अभी शेष है। लंबे समय से शिक्षक संगठनों और शैक्षणिक आंदोलनों से जुड़े रहे डॉ. राय ने चुनाव से कुछ महीने पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज का दामन थामा था।
डॉ. सुरेश प्रसाद राय के इस राजनीतिक बदलाव में उनके विंग कमांडर दामाद की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिनके माध्यम से जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने उन्हें संगठन से जुड़ने का निमंत्रण दिया था। इसके बाद पार्टी ने उन्हें दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया।
26 वर्षों तक शिक्षण कार्य और शिक्षक राजनीति में सक्रियता
5 जनवरी 1959 को जन्मे डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने विज्ञान विषय में एमएससी और पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने बीपी स्कूल बेगूसराय समेत सरकारी विद्यालयों में विज्ञान शिक्षक के रूप में 26 वर्ष 8 माह तक अपनी सेवाएं दीं। 30 अप्रैल 2011 को उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली थी।
शिक्षण के साथ-साथ वे लगातार शिक्षकों के अधिकारों के लिए भी मुखर रहे। वे बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष और भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश सह-संयोजक रह चुके हैं। दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से वह पूर्व में भी विधान परिषद का चुनाव लड़ चुके हैं। विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें राज्य स्तरीय सर्वोत्तम विज्ञान शिक्षक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा उन्होंने सामान्य विज्ञान विषय पर पुस्तक लेखन भी किया है।
विश्वविद्यालयों और सामाजिक संगठनों से रहा गहरा नाता
डॉ. राय का जुड़ाव उच्च शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों से भी लगातार बना रहा है। वह ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में सीनेट (अधिषद) सदस्य के रूप में कार्यरत रहे हैं। इसके साथ ही वे एमआरजेडी कॉलेज, बेगूसराय के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उत्तर बिहार में लोक शिक्षा समिति और बिहार मैथेमेटिकल सोसायटी के जरिए भी वे शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रहे।
शिक्षकों की सेवा शर्तों, वेतनमान, पेंशन और लंबित पदोन्नति से जुड़े मुद्दों पर कई आंदोलनों का नेतृत्व कर चुके डॉ. सुरेश प्रसाद राय के इस चुनाव में आगे रहने से शिक्षकों के बीच उनकी भावी प्राथमिकताओं और कार्ययोजना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।