Chandigarh News: भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते को हरियाणा ने ग्लोबल मार्केट में आगे बढ़ने के बड़े मौके के तौर पर देखा है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस डील से राज्य के कपड़ा, फुटवियर, ज्वेलरी और इंजीनियरिंग सेक्टर को यूके के बाजार में सीधा लाभ मिलेगा।
ब्रिटेन के साथ कारोबार बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री सैनी ने हरियाणा-ब्रिटेन व्यापार सेतु कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते केवल कारोबार तक सीमित नहीं हैं। लाखों प्रवासी भारतीयों और हजारों हरियाणवी परिवारों ने यूके के विकास में अहम भूमिका निभाई है। ऐसे में हरियाणा दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई दे सकता है।
2030-31 तक 10 लाख रोजगार का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने साल 2030-31 तक 5 लाख करोड़ रुपये का नया निवेश लाने का लक्ष्य रखा है। इससे युवाओं के लिए 10 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि उद्योगों के विकास के लिए 10 नई नीतियां लागू की गई हैं। इनके शुरू होते ही 1.10 लाख करोड़ रुपये के 110 एमओयू साइन हुए हैं।
दुनिया के 9 बड़े शहरों में होंगे रोड शो
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारी के लिए देश-विदेश के 9 प्रमुख आर्थिक केंद्रों में रोड शो आयोजित होंगे। इसमें जापान, दक्षिण कोरिया, दावोस, जर्मनी, ब्रिटेन, ब्राजील, चिली और दुबई शामिल हैं। इससे पहले 23 और 24 अगस्त को मुंबई दौरे में 17 कंपनियों के साथ 66 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश समझौते हुए थे।
अप्रैल 2027 में होगा ग्लोबल सम्मेलन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के 100 साल पूरे होने का सफर भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए भी बेहद अहम रहेगा। वहीं, एक नवंबर को हरियाणा अपने गठन के 60 साल पूरे करेगा। इस खास मौके पर राज्य में पांच से सात अप्रैल 2027 के बीच एक बड़ा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित किया जाएगा।
स्थानीय उद्योगों को बनाएंगे इंटरनेशनल ब्रांड
सैनी ने बताया कि साल 2019 में एमएसएमई नीति आने के बाद से राज्य में 15 लाख से अधिक उद्यम रजिस्टर्ड हो चुके हैं। सरकार का मकसद इन उद्योगों को ग्लोबल सप्लाई चेन से जोड़ना है। इसके लिए विदेश सहयोग विभाग निवेशकों को पूरी मदद देगा। उन्होंने प्रतिनिधियों को अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव-2026 का न्योता भी दिया।