World News: यूरोप के कई देशों में महंगे मकान, आसमान छूते किराए और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के खिलाफ हिंसक विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। फ्रांस, अल्बानिया, इटली, स्पेन और पुर्तगाल की सड़कों पर लाखों नागरिक सरकारी नीतियों के खिलाफ उतर आए हैं। कई स्थानों पर सुरक्षाबलों के साथ उग्र झड़पें हुई हैं।
प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां कीं। इन जनांदोलनों का मुख्य कारण गहराता आवास संकट और कमजोर पेंशन व्यवस्था है। इसके अलावा महंगी शिक्षा और विवादित सरकारी परियोजनाओं को लेकर भी जनता के बीच जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।
फ्रांस में 1300 से अधिक गिरफ्तार, अल्बानिया और इटली में भी तनाव
फ्रांस में प्रदर्शनों के दौरान 1300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया और 53 पुलिसकर्मी घायल हुए। दर्जनों दुकानों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटनाएं सामने आईं। वहीं अल्बानिया की राजधानी तिराना में पुलिस पर पथराव और सरकारी कार्यालयों को नुकसान पहुंचाने के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इटली के रोम और मिलान जैसे शहरों में हजारों छात्रों व आम नागरिकों ने पुलिस पर पटाखे व बोतलें फेंकीं। स्पेन और पुर्तगाल में भी प्रदर्शनकारी किराए पर नियंत्रण लगाने के लिए तंबू गाड़कर विरोध कर रहे हैं। इस बीच पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस की अशांति के लिए उसकी आव्रजन नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।