Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से बीजेपी विधायक सुधीर शर्मा की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में हिमाचल प्रदेश राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने उन्हें नोटिस जारी किया है। सुधीर शर्मा को 13 अगस्त सुबह 11 बजे जांच अधिकारी के सामने पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
चुनौती वाले बयान के बाद विजिलेंस ने थमाया नोटिस
कुछ दिनों पहले धर्मशाला विजिलेंस थाने में विधायक के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद सुधीर शर्मा ने कहा था कि अगर सरकार में हिम्मत है तो उन्हें गिरफ्तार करे। उनके इस कड़े बयान के तुरंत बाद ही विजिलेंस ब्यूरो ने यह नोटिस थमा दिया है।
विजिलेंस ने मांगे आय और चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज
जांच अधिकारी इंस्पेक्टर नरेश कुमार की ओर से जारी नोटिस में कई अहम रिकॉर्ड मांगे गए हैं। विजिलेंस ने विधायक से उनकी आय, चल-अचल संपत्तियों, बैंक खातों, निवेश और परिवार के सदस्यों की संपत्तियों से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
शेयरों से हुई 70.84 लाख की कमाई का मांगा हिसाब
नोटिस में वित्त वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न का विशेष जिक्र है। शेयरों के स्वैच्छिक समर्पण से दिखाई गई 70 लाख 84 हजार 858 रुपये की आय का ब्योरा मांगा गया है। इसके लिए डीमैट अकाउंट स्टेटमेंट, ब्रोकर नोट और बैंक लेनदेन जमा करने होंगे।
जमीन बिक्री से प्राप्त 74 लाख रुपये का भी हिसाब तलब
जांच एजेंसी ने आयकर रिटर्न में जमीन की बिक्री से दर्ज 74 लाख 7 हजार रुपये की राशि का ब्योरा मांगा है। विजिलेंस ने इसके लिए जमीन के मूल दस्तावेज, बिक्री विलेख, बैंक लेनदेन रिकॉर्ड और राशि के ट्रांसफर से जुड़ी सभी जानकारियां तलब की हैं।
रक्कड़ स्थित बहुमंजिला मकान का निर्माण जांच के दायरे में
धर्मशाला के रक्कड़ क्षेत्र में खसरा नंबर 48, 94, 97 और 118 पर बने बहुमंजिला मकान के निर्माण का रिकॉर्ड मांगा गया है। इसमें निर्माण खर्च के बिल, वाउचर, भुगतान रिकॉर्ड, आर्किटेक्चरल ड्राइंग और शामिल ठेकेदारों के नाम, पते व संपर्क विवरण जमा करने होंगे।
वाहनों, बैंक खातों और एफडी का मांगा विस्तृत ब्योरा
नोटिस में विधायक और उनके परिवार द्वारा खरीदे गए वाहनों के दस्तावेज, फाइनेंस और भुगतान रिकॉर्ड मांगे गए हैं। इसके साथ ही भारत या विदेश के बैंक खातों, लॉकरों, एफडी, शेयर, म्यूचुअल फंड, आभूषण और बीमा पॉलिसियों की पूरी जानकारी देने के निर्देश हैं।
पेश न होने पर कानूनी कार्रवाई की दी गई चेतावनी
नियत समय पर पेश न होने या दस्तावेज न देने पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 35 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। हालांकि, नोटिस जारी होना दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है, जांच के बाद ही असल स्थिति स्पष्ट होगी।