बदायूं में शिवपाल यादव ने साधे सियासी समीकरण, पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर सपा में शामिल

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Budaun News: मिशन 2027 की तैयारी में जुटे वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल यादव ने बदायूं में पार्टी के पुराने मतभेद दूर कर सियासी पकड़ मजबूत की है। लखनऊ में पूर्व विधायक आशीष यादव और आबिद रजा के बीच सुलह के बाद दातागंज के पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर सपा में शामिल हो गए।

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीतिक तैयारी के तहत समाजवादी पार्टी अपने संगठनात्मक ढांचे और क्षेत्रीय समीकरणों को मजबूत करने में जुटी है। बदायूं जिले में पिछले कुछ हफ्तों से चल रही राजनीतिक गतिविधियों में पार्टी के वरिष्ठ रणनीतिकार शिवपाल सिंह यादव की सक्रियता का असर साफ दिखने लगा है। लोकसभा चुनाव में स्थानीय स्तर पर गुटबाजी को दरकिनार कर अपने बेटे को जीत दिलाने के बाद, अब उन्होंने जिले में पार्टी के भीतर के पुराने अंतर्विरोधों को सुलझाना शुरू कर दिया है।

दो दशक पुराना मनमुटाव खत्म, आशीष यादव और आबिद रजा एक साथ

जिले की सपा राजनीति में लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी माने जाने वाले पूर्व विधायक आशीष यादव और पूर्व विधायक आबिद रजा के बीच की दूरियां अब खत्म हो गई हैं। रविवार शाम लखनऊ में शिवपाल यादव की मौजूदगी में दोनों नेताओं और उनके समर्थकों के बीच विस्तृत बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने आपसी मतभेदों को भुलाकर आगामी चुनावों के लिए एक मंच पर आने पर सहमति जताई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पिछले दो दशक से जिस गुटबाजी को कोई हल नहीं कर सका था, उसे शिवपाल यादव ने सुलझाकर पार्टी को नई मजबूती दी है।

पूर्व विधायक सिनोद शाक्य और कुशाग्र सागर ने ली सपा की सदस्यता

स्थानीय समीकरणों को साधने की इस कड़ी में सोमवार को जिले की राजनीति में एक और बड़ा घटनाक्रम हुआ। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में दातागंज से दो बार के विधायक रहे सिनोद कुमार शाक्य और बिसौली के पूर्व विधायक कुशाग्र सागर ने आधिकारिक रूप से समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इनके साथ ही म्याऊं ब्लॉक प्रमुख के देवर केसी शाक्य भी सपा में शामिल हो गए।

दोनों पूर्व विधायकों के दल बदलने से जिले के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। सिनोद शाक्य पहले बसपा से विधायक रहे, जिसके बाद वह सपा में आए और वर्ष 2022 के चुनाव में भाजपा में चले गए थे। अब उन्होंने दोबारा सपा का दामन थामा है। वहीं, कुशाग्र सागर ने भाजपा के टिकट पर बिसौली से विधानसभा चुनाव जीता था और पार्टी छोड़ने के बाद अब वे समाजवादी पार्टी के साथ जुड़ गए हैं। इन नेताओं के जुड़ने से आगामी विधानसभा चुनावों में बदायूं के कई क्षेत्रों में चुनावी मुकाबला रोचक होने के आसार हैं।

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