Prayagraj News: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने 17,735 टीजीटी पदों पर भर्ती के लिए अब तक का सबसे बड़ा विज्ञापन जारी किया है। इस भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पास होना अनिवार्य रखा गया है। आयोग ने भर्ती के लिए 23 और 24 दिसंबर को परीक्षा की संभावित तारीख निर्धारित की है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने अपनी स्थापना के बाद से अब तक की सबसे बड़ी प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। इसके तहत प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) बालक और बालिका माध्यमिक विद्यालयों में कुल 17,735 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस भर्ती में सम्मिलित होने के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इस परीक्षा के आयोजन के लिए 23 और 24 दिसंबर की संभावित तारीख तय की गई है।
आयोग के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी भर्ती
पूर्व में यह संस्था उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड (UPSESSB) के नाम से कार्यरत थी, जिसका गठन वर्ष 1982 में हुआ था। स्थापना के शुरुआती दौर में रिक्त पदों का अधियाचन एकत्र करने और सेवा नियमावली तय करने के बाद वर्ष 1983-84 में टीजीटी और पीजीटी के लगभग 2,500 से 3,000 पदों पर पहला विज्ञापन जारी हुआ था।
उस समय 1921 के इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम के प्रावधानों के तहत तदर्थ शिक्षकों की नियुक्तियां की गई थीं, जिन्हें बाद में विनियमित किया गया। वर्ष 1982 से 1992 के बीच विज्ञापित और तदर्थ आधार पर सृजित टीजीटी पदों की कुल संख्या करीब 8,000 रही थी।
चार दशकों में विज्ञापित पदों का सफर
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1992 में करीब 1,500, 1996 में 2,200, 1999 में 1,800 और 2001 में लगभग 2,100 पद विज्ञापित किए गए थे। इसके बाद 2002 में 1,650, 2004 में 2,400, 2005 में 2,800, 2009 में 3,400, 2011 में 1,450 और 2012 में करीब 4,600 टीजीटी पदों के लिए प्रक्रिया शुरू हुई थी।
वर्ष 2016 में 7,950 पदों तथा वर्ष 2021 में 12,603 पदों पर भर्ती पूरी हुई, जबकि 2022 में 3,539 पद निकाले गए थे। अब वर्ष 2026 में विज्ञापित 17,735 पदों की यह संख्या आयोग के इतिहास का सबसे बड़ा भर्ती आंकड़ा बन गई है।
नियमित भर्ती व्यवस्था और भ्रांतियों से दूर रहने की सलाह
शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव संजय सिंह के अनुसार, शासन स्तर से यह व्यवस्था तय की गई है कि प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्त पदों के आधार पर 31 मई तक अधियाचन आयोग को भेज दिया जाए, जिससे चयन प्रक्रिया बिना रुकावट निरंतर चलती रहे।
उप सचिव ने अभ्यर्थियों को सतर्क करते हुए कहा कि वर्तमान में विज्ञापित पदों को लेकर कुछ असामाजिक तत्व गलत सूचनाएं फैलाकर भ्रम की स्थिति बनाने में जुटे हैं। उन्होंने अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने और अपनी पूरी ऊर्जा परीक्षा की तैयारी में लगाने का आह्वान किया है।