Lucknow News: उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार अब सभी पात्र शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान का लाभ देने की तैयारी कर रही है। स्कूली शिक्षा महानिदेशालय ने इस संबंध में बेसिक शिक्षा विभाग को एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भेजा है, जिस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अभी केवल 20 प्रतिशत शिक्षकों को मिलता है लाभ
वर्तमान नियमों के अनुसार 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी होने पर शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। इसके बाद अगले 12 साल की सेवा पूरी करने पर प्रोन्नत वेतनमान मिलता है। हालांकि, अब तक यह लाभ केवल 20 प्रतिशत शिक्षकों को ही मिल पाता था। नए प्रस्ताव के लागू होने से सभी पात्र शिक्षकों को इस वित्तीय लाभ का अधिकार मिल सकेगा।
मानव संपदा पोर्टल पर ऑनलाइन मिलेगी स्वीकृति
शिक्षकों की लंबी समय से चली आ रही इस मांग को पूरा करने के लिए प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। इसके लिए मानव संपदा पोर्टल पर एक विशेष मॉड्यूल तैयार किया जाएगा। मॉड्यूल के माध्यम से पात्र शिक्षक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उन्हें डिजिटल माध्यम से ही प्रोन्नत वेतनमान की स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी, जिससे शिक्षकों को विभागीय चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों का पदोन्नति के लिए धरना
दूसरी तरफ, राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों ने प्रवक्ता और अधीनस्थ राजपत्रित पदों पर पदोन्नति की मांग को लेकर शिक्षा निदेशालय में जोरदार धरना प्रदर्शन किया। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए शिक्षक नेताओं ने कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण कई शिक्षक बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इससे उन्हें हर महीने भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
15 दिनों में मांग पूरी न होने पर हड़ताल की चेतावनी
आंदोलनकारी शिक्षकों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सहायक शिक्षा निदेशक को सौंपा। अधिकारियों की ओर से आश्वासन दिया गया है कि पदोन्नति की कार्यवाही अगले 15 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पूरे प्रदेश में तीन दिवसीय चाक डाउन हड़ताल की जाएगी।