उत्तर प्रदेश के विशेषज्ञ डॉक्टरों को मिलेगी मनचाही तैनाती, 40 फीसदी तक इंसेंटिव देने की तैयारी

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Lucknow News: उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। डॉक्टरों को आकर्षित करने के लिए सरकार उनके गृह जिले में ही तैनाती देने और मूल वेतन का 40 प्रतिशत तक प्रोत्साहन राशि देने पर विचार कर रही है।

गृह जनपद में नियुक्ति और पति-पत्नी को साथ तैनाती

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित कुमार घोष ने महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य से इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। नई नीति के तहत यदि पति और पत्नी दोनों विशेषज्ञ डॉक्टर हैं तो उन्हें एक ही जिले में साथ तैनाती दी जाएगी। इसके अतिरिक्त विभाग में लेवल-1 के 10 हजार से अधिक नए पद सृजित किए जाएंगे।

सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को मिलेगा भारी इंसेंटिव

प्रस्ताव के अनुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों को उनके मूल वेतन पर 30 प्रतिशत और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को 40 प्रतिशत अतिरिक्त इंसेंटिव देने की तैयारी है। इसके अलावा जिला अस्पतालों में न्यूरो सर्जन, कार्डियोलॉजिस्ट और नेफ्रोलॉजिस्ट जैसे सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों के नए पद भी तैयार किए जाएंगे ताकि मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिल सके।

पीजीआई में तैयार हुआ स्वास्थ्य सेवाओं का रणनीतिक रोडमैप

मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए पीजीआई में दो दिवसीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पीजीआई के डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, डिजिटल हेल्थ सिस्टम, रियल टाइम मॉनिटरिंग और फील्ड कर्मचारियों के प्रशिक्षण को प्राथमिक कार्यक्षेत्र में शामिल किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग के लिए डैशबोर्ड

प्रदेश में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर गहन मंथन हुआ। योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष तकनीकी प्रभाग बनाए जाएंगे। डिजिटल हेल्थ और हेल्थ इकोनॉमिक्स के जरिए जिला स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि हर मरीज तक समय पर इलाज पहुंच सके।

Desh Raj
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