Delhi News: सुप्रीम कोर्ट ने नीट परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही धांधली और पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि सरकार को इन गलतियों को तुरंत सुधारना होगा। अदालत पूरे मामले की खुद निगरानी करेगी।
सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने सरकार से पूछा कि परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में बदलने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। पीठ ने डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि हम ऐसी स्थिति को आगे नहीं चलने दे सकते। मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई तय की गई है।
सॉलिसिटर जनरल ने मांगा समय, CJI ने भ्रामक खबरों को नकारा
केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार छात्रों के हित में जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने पीठ से स्थिति स्पष्ट करने के लिए थोड़ा और समय मांगा। सुप्रीम कोर्ट ने पूरी परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह संस्थागत और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए हैं।
उधर मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिका खारिज करने की खबरों को गलत बताया है। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि उनके पास कोई औपचारिक रिट याचिका दायर नहीं की गई थी, केवल एक पत्र मिला था। बिना जांच ऐसी खबरें चलाना गैर-जिम्मेदाराना और भ्रामक है।